कावड़ मेला शुरू होते की रूट हुए डायवर्ट, आठ जोन, 52 सेक्टर और 100 सब-सेक्टर में बांटा गया सहारनपुर जनपद

Kanwar Mela 2025 starts tomorrow, Haridwar divided into three zones, 7 crore people expected to come, 18 companies of central paramilitary forces deployed for the fair
सहारनपुर : शुक्रवार से सावन महीना शुरू हो गया है। सावन महीना शुरू होते देश भर के कोने कोने से शिवभक्त कांवड़ यात्रा के लिए निकल पड़े हैं। उत्तर प्रदेश के साथ साथ हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश से करोड़ों शिवभक्त हर की पैड़ी हरिद्वार से कावड़ में गंगाजल भर कर अपने गंतव्यों को जाते हैं। जनपद सहारनपुर हरिद्वार जिले का पडोसी जनपद है जिसके चलते बड़ी संख्या में कावड़ यात्रियों की टोलियां सहारनपुर से होकर शिवालयों के लिए प्रस्थान करते हैं। यही वजह है कि सहारनपुर पुलिस और जिला प्रशासन के लिए कावड़ यात्रा चुनौती पूर्ण रहती है।
Routes were diverted as Kavad Mela started
कावड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। भीड़ और जाम से निजात दिलाने के वीरवार को रात 12 बजे से रूट डायवर्जन का दिया गया है। रूट डायवर्जन की यह व्यवस्था महाशिवरात्रि तक प्रभावी रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत जिले को आठ जोन, 52 सेक्टर और 100 सब-सेक्टर में बांटा गया है। कांवड़ मार्ग पर कुल 1750 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 250 कैमरे और जोड़े गए हैं। यात्रा मार्ग पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

आपको बता दें कि सावन के पवित्र महीने में देव भूमि हरिद्वार में शिवभक्तों का जमावड़ा लग जाता है। कावड़ में गंगाजल भर कर कावड़िये देवो के देव महादेव भोले नाथ का जलाभिषेक करने के लिए शिवालन की ओर प्रस्थान करते हैं। हरिद्वार से जाने वाले हर रोड़, हर सड़क पर शिव भक्त ही शिव भक्त दिखाई पड़ते हैं। चंहुओर बम बम भोले के जयकारों की गूंज सुनाई पड़ती है। उत्तराखंड और पश्चमी उत्तर प्रदेश के सभी रास्ते भगवा रंग में रंगे दिखाई देते हैं। जनपद सहारनपुर की बात करें तो देवभूमि से सटा जिला होने के चलते बड़ी कावड़ियों की टोलियां यहां से निकलती हैं। कावड़ियों की सुविधा के लिए देहरादून और अंबाला रोड पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंदकर दिया गया है। यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग, ट्रांसफार्मरों की बाड़बंदी और बिजली के खंभों पर प्लास्टिक पन्नियां लगाईं गई है।

Routes were diverted as Kavad Mela started
कांवड़ियों को सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने एक वेब पेज और क्यूआर कोड तैयार किया है। इसके ज़रिए शौचालय, चिकित्सा शिविर, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, पुलिस चौकी, रूट डायवर्जन और हेल्पलाइन नंबर जैसी जानकारी गूगल मैप पर उपलब्ध होगी। कांवड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए क्यूआर कोड और वेब लिंक की व्यवस्था की गई है। पिछले साल की तरह इस बार भी प्रशासन ने क्यूआर कोड और वेब लिंक के ज़रिए डिजिटल सेवा शुरू की है। साथ ही, शिवभक्तों को क्यूआर के ज़रिए अपने मोबाइल पर नज़दीकी शौचालय, चिकित्सा शिविर, रेस्टोरेंट, ढाबा, पुलिस स्टेशन, पेट्रोल पंप, हेल्पलाइन नंबर और डायवर्जन रूट व कांवड़ शिविर की जानकारी मिलेगी। ये कोड मुख्य चौराहों और हाईवे पॉइंट्स पर लगाए गए हैं।

नगर निगम ने 9 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर साफ़-सफ़ाई, पानी, शौचालय और रोशनी की व्यवस्था की है। कुल 60 गलियाँ और 52 कट बंद कर दिए गए हैं। 1723 जगहों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है। स्नान के लिए 38 बोरिंग और नल युक्त शावर लगाए गए हैं। पंचायती राज विभाग ने कांवड़ मार्ग पर आने वाले 44 गाँवों में विशेष सफ़ाई अभियान शुरू किया है। दो शिफ्टों में 600 सफाई कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

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यात्रा मार्ग पर 42 कांवड़ शिविर लगाए जाएँगे, जिनमें स्नान के लिए जलकल विभाग द्वारा नल और शावर लगाए जाएँगे। बिजली विभाग ने सभी खंभों को ढक दिया है और एचटी-एलटी लाइनों की मरम्मत कर दी गई है। व्यापारियों को सेवा शिविर लगाने और सड़क किनारे से हटकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने भारी और मध्यम वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। हल्के वाहनों को कांवड़ मार्ग से दूर निकाला जाएगा, उन्हें केवल आवश्यक होने पर ही मार्ग पार करने की अनुमति होगी।

सभी भारी और मध्यम वाहन बाईपास से चुनहेटी कट, हसनपुर चौक, दीवानी तिराहा, विश्वकर्मा चौक, अंबेडकर चौक, लिंक रोड होते हुए जाएँगे। वहीं, ट्रांसपोर्ट नगर के लिए अंबेडकर चौक, भारत माता चौक, माहीपुरा चौक होते हुए जाएँगे। दूसरा चरण (17 से 24 जुलाई) तक शुरू होगा। जिसमें शहर में भारी वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। खाद्य सामग्री ले जाने वाले वाहन सरसावा बाईपास से पर्पल गेट, चिलकाना होते हुए जाएँगे। जबकि हल्के वाहनों को आवश्यकतानुसार पार करने की अनुमति होगी।

अन्य रूट डायवर्जन योजना

  • दिल्ली-गाजियाबाद जाने वाले वाहन अंबाला रोड बाईपास, सरसावा, शाहजहाँपुर, यमुनानगर, करनाल, पानीपत होते हुए जाएँगे।
  • मुजफ्फरनगर जाने वाले वाहन सहारनपुर बाईपास, कोलकी कट, नागल, रोहाना कलां होते हुए जाएँगे।
  • हरिद्वार मार्ग पर, वाहन 11 से 17 जुलाई तक गागलहेड़ी से छुटमलपुर होते हुए भगवानपुर होते हुए रुड़की पहुँचेंगे।
  • 18 से 24 जुलाई तक, वाहन गागलहेड़ी से छुटमलपुर होते हुए मोहंड चौकी से आशारोड़ी और हरिद्वार जाएँगे।
  • बिजली विभाग की तैयारियाँ
  • हाई-स्पीड-हाई-स्पीड लाइनों की मरम्मत की गई।
  • बिजली के खंभों को काली प्लास्टिक शीट से ढका गया।
  • ट्रांसफार्मर की बाड़ लगाई गई, पेड़ों की टहनियाँ काटी गईं।
  • सफाई के लिए विशेष अभियान
  • कांवड़ मार्ग पर दो पालियों में 600 सफाई कर्मचारी तैनात।
  • 44 पंचायतों में स्वच्छता अभियान, झाड़ियों की कटाई की जा रही है।
  • पंचायत सचिवों को ज़िम्मेदारी देनी होगी और सफाई से पहले और बाद की जियो-टैग की गई तस्वीरें लेनी होंगी।
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