सहारनपुर : रविवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहारनपुर में थे जहां अखिलेश यादव ने तीन शादी समारोह में शिरकत की और दुल्हे-दुल्हनों को आशीर्वाद दिया। मीडिया से रूबरू होते हुए सपा प्रमुख ने न सिर्फ SIR पर सवाल खड़े किए बल्कि बीजेपी सरकार पर जुबानी हमला किया। अखिलेश यादव ने SIR सर्वे को लेकर कहा कि SIR का काम ज्यादा से ज्यादा वोट बनने चाहिए। लेकिन यहां BJP सरकार वोट काटने का काम कर रही है। शासन प्रशासन चाहता है कि विपक्ष का वोट ज्यादा से ज्यादा काट दिया जाये।

प्रतिबंधित कफ सिरप मामले में कहा कि बीजेपी के लोग जहरीला सिरप बेच रहे थे इसलिए बुलडोजर के ड्राइवर भाग गए है। बिहार के बाद बंगाल को जीतने की चाहत में बीजेपी बौखलाई हुई है। इसलिए वही मॉडल यूपी और पश्चिम बंगाल में लागू करना चाहती है। बिहार मे SIR कराया गया और उन्हें अपने पक्ष में चुनाव परिणाम मिल गया। घुसपैठियों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में बीजेपी सरकार है केंद्र में भी उनकी सरकार है फिर भी कोई घुसपैठिया निकाला नहीं गया।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अगर लोकसभा का चुनाव हुआ था और मान लीजिए लाखों वोट कट जाते हैं तो इसका सीधा मतलब है कि पिछली बार जिस नेता या पार्टी को चुना गया था, वो गलत चुनी गई थी। यही वजह है कि जो SIR चल रहा है, उससे बीजेपी के लोग घबराए हुए दिख रहे हैं। उन्हें डर है कि यूपी में लोकसभा की पिछली हार और बंगाल में जीत की चाहत के बीच, बिहार में किए गए प्रयोग जैसे नतीजे दूसरे राज्यों में न दोहराए जाएं। बिहार में SIR कराया गया और उन्हें अपने पक्ष में परिणाम मिल गया। इसलिए अब वही मॉडल यूपी और बंगाल में लागू करने की कोशिश हो रही है।
जहां तक घुसपैठियों की बात है। अगर बीजेपी यह मुद्दा उठाती है, तो यह बताना पड़ेगा कि घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई किसने की। दिल्ली में सरकार उनकी है, केंद्र सरकार भी उनकी थी फिर भी कोई घुसपैठिया निकला नहीं। बिहार में कितने घुसपैठियों को पकड़ा गया? ये सवाल इसलिए उठते हैं, क्योंकि आरोप लगाना आसान है लेकिन कार्रवाई के तथ्य दूसरी कहानी बताते हैं।
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के ब्यान पर तंज कसते हुए कहा कि वे गाना गाने वाले हैं। सांसद हैं अच्छी बात है मेरा उनसे अच्छा परिचय है। लेकिन ये बात ना करें कि डॉलर के कम होने से कोई असर नहीं पड़ता है। डॉलर की कीमत बढ़ने से हमारे कारोबारियों को नुकसान हो रहा है। य़ह नुकसान न केवल डॉलर की वज़ह से हो रहा है बल्कि अमेरिका के टेरिफ लगने से भी हुआ है। इसके लिए सरकार को सोचना चाहिए क्योंकि डॉलर और रुपये की कीमत में इतना फर्क़ हो गया है।
प्रतिबंधित कफ सिरप के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि कौडीन कफ सिरप जिन्होंने हमारे बच्चों को इस तरह की खांसी की दवा पिलाई है उनको जेल भेजा जाये। लेकिन अब ऐसा लगता है बुलडोजर का ड्राइवर भाग गया है बुलडोजर की चाबी खो गई है क्योंकि इसमें बीजेपी के लोग शामिल हैं। बाबरी मस्जिद के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि बाबरी मस्जिद का मुद्दा इमोशनल है। बीजेपी से लोग सीख रहे हैं। बीजेपी इमोशनल को लेकर चुनाव लड़ती है। समाज में इमोशन लाती है।
जो हमारी मिली जुली संस्कृति है हम एक दूसरे के पहनावे से जुड़े हुए हैं। भाषा से जुड़े हैं। लेकिन बीजेपी के लोग राष्ट्रवादी कम हैं राष्ट विवादी ज्यादा हैं। इन्हें डिविजन चाहिए। विजन नहीं चाहिए, साथ लेकर नहीं चलना है। इन्हें जितना दूर कर उतना करना चाहते हैं क्योंकि महंगाई का जवाब इनके पास नहीं है। बिजली महंगी हुई उसका जवाब नहीं है कोई कारखाना नहीं लगवा पाए इसका जवाब इनके पास नहीं है और बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा इसका कोई जवाब नहीं है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे के सवाल पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि रूस भारत का पुराना मित्र और साथी रहा है। एक समय में जब कॉंग्रेस की सरकार थी इस बात पर विवाद होता था कि हम रसिया के करीब जाये या अमेरीका के पास जाये। जो हमारी फॉर्न नीति में बदलाव हुआ ग्यारह साल बाद जागी मोदी सरकार! जिन्हें 11 साल बाद पता चला कि रसिया हमारा मित्र है। इससे बड़ा और क्या धोखा हो सकता है।

