इटावा : यादव कथावाचक के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले में गुरुवार को इटावा में बवाल हो गया। गुरुवार को अहीर रेजीमेंट और यादव संगठन के करीब 2 हजार लोगों ने दो जगहों पर प्रदर्शन किया। पहला बकेवर थाने के सामने हुआ। कथावाचक के दो साथियों को छुड़ाने के लिए लोगों ने थाने का घेराव किया। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने पुलिस वाहन पर पथराव कर दिया, जिसमें एक वाहन का शीशा टूट गया। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने 12 थानों की फोर्स बुलाई और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। हवाई फायरिंग भी की गई। यहां पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है। दूसरा प्रदर्शन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुआ। एक्सप्रेसवे पर यादव समाज के लोगों ने बाइक रैली निकाली। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगरा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर बढ़ गए।

आपको बता दें कि कथावाचक की पिटाई के विरोध में यादव समाज संगठन के अध्यक्ष गगन यादव ने प्रदर्शन किया था। उन्होंने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ आज यानी 26 जून को इटावा आने का ऐलान किया था। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसका विरोध करने के लिए कई जिलों से यादव समाज के लोग इटावा पहुंचे। इटावा के दादरपुर गांव में प्रदर्शनकारी आने-जाने वाले लोगों की जाति पूछकर उन्हें आगे जाने दे रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस से प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक हो गई। यादव समाज के लोगों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। पथराव में पुलिस की एक गाड़ी का आगे का शीशा टूट गया। एसपी ग्रामीण के साथ ही बकेवर, इकदिल, लवेदी, चकरनगर, भरथना, सैफई, ऊसराहार समेत 12 थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। दादरपुर गांव के रास्ते पर पुलिस फोर्स के साथ दो सीओ तैनात हैं।
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के वाहनों को हाईवे पर ही हिरासत में ले लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आगरा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। फिर वह बाइक पर सवार होकर हजारों की भीड़ के साथ सड़क पर नारेबाजी करने लगे। एएसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र ने बताया कि कुछ लोगों ने गांव के पास बवाल करने की कोशिश की थी। पुलिस ने कोई गोली नहीं चलाई। पुलिस वाहन पर पथराव किया गया। कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ। 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। यादव समाज के लोगों ने प्रदर्शन कर गगन यादव की रिहाई की मांग की। उनका कहना है कि कथावाचकों पर की गई कार्रवाई वापस ली जाए। कथावाचकों के साथ मारपीट करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने दोनों कथावाचकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हम इसी का विरोध कर रहे हैं।
दरअसल, गुरुवार को इटावा के दादरपुर गांव में यादव संगठन के लोग गांव में घुसने की कोशिश कर रहे लोगों की जाति पूछ रहे थे। इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो फोर्स मौके पर भेजी गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मामला बढ़ने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया और उनके वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसमें पुलिस का एक वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालात बिगड़ते देख एसपी ग्रामीण को कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर भेजा गया। प्रदर्शनकारियों के वाहन को आगरा-कानपुर हाईवे पर सीज कर दिया गया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। बवाल में पुलिस ने 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
बता दें कि 22 जून को इटावा के दादरपुर गांव में ब्राह्मणों ने यादव कथावाचक और उनके साथियों के साथ मारपीट और बदसलूकी की थी। कथावाचक की चोटी काट दी गई थी और सिर मुंडवा दिया था। कथावाचक से अभद्रता के मामले में दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। कथावाचक की आपबीती सुनने के बाद सपा सांसद जितेंद्र दोहरे एसएसपी से मिलने पहुंचे। इसके बाद एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने अभद्रता मामले में 4 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया। अब इस मामले में कथवचक यादव और उसके एक साथी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।