सहारनपुर में तेज हवाओ के साथ हुई ओलावृष्टि, गेहूं की फसल क लेकर किसानों की बढ़ी चिंता

Hailstorm accompanied by strong winds in Saharanpur
सहारनपुर : सहारनपुर मे मंगलवार से हो रही बारिश के बाद बुधवार को जबरदस्त ओलावृष्टि हुई है। ओले की बारिश इतनी जबरदस्त हुई कि कुछ ही मिनट में खेतों में ओलो की सफ़ेद चादर ढ़क दिया। आप तस्वीर मे देख सकते है किस कधर बेमौसम हुई बारिश और ओले बरस रहे है। अचानक हुई ओलावृष्टि और इस बारिश के बाद तापमान मे गिरावट आई है जिससे एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। वही ओला वृष्टि से गेहूँ और सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बुधवार की शाम सहारनपुर के कई इलाकों में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। थाना तीतरों इलाके में ओलावृष्टि ऐसी हुई कि पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। चारो तरफ ओलावृष्टि की सफेद चादर बिछ गई। जिससे गेहूं की पकी पकाई फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। इतना ही नहीं बागवानी फसलों का को भी भारी नुक्सान हुआ है। आम के पेड़ों पर आया भौर झड़ गया है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ना लाज़मी है। वहीं जिलाधिकारी ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे के बाद मुआवजा देने की बात कही है।
Hailstorm accompanied by strong winds in Saharanpur
आपको बता दें कि पश्चमी उत्तर प्रदेश में मंगलवार से हो रही तेज बारिश के बाद कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि हुई है। जिले के गंगोह और नकुड़ इलाकों में गिरे बड़े-बड़े ओलों ने हालात गंभीर कर दिए हैं। कई जगह खेत सफेद चादर की तरह नजर आए, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ओलावृष्टि कितनी तेज हुई है। अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी गेहूं समेत अन्य फसलें पककर तैयार थीं, ऐसे में ओलों की मार से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि से पॉपुलर और बड़े दरख्तों के पत्ते भी झड़ गए। खेतों में 3 से 4 इंच मोटी ओलों की सफ़ेद चादर देखने को मिली। गेहूं की पकी पकाई फसल खेतों में ही बिछ गई और जिन किसानों ने गेहूं की कटाई की थी उनके गेहूं पूरी तरह भीग गए।
बेमौसम हुई बारिश और भारी ओलावृष्टि ने एक ओर जहाँ पारा लुढक कर ठण्ड बढ़ा दी है वहीँ किसानो की गेंहू, सरसो और सब्जियों की फसलों के साथ बागबानी फसलो को भी खासा नुकसान पहुँचाया है। दो दिनों से रुक रुक कर हुई बरसात व् हवा से किसानो की तैयार गेंहू और सरसों की फसल गिरकर बर्बाद हो गई है। उधर आम, आड़ू, फुलम समेत कई बागबानी फसलो के बौर झड़ गए है। जिससे न सिर्फ किसानो को करीब 40 फ़ीसदी पैदावार का नुकशान हुआ है बल्कि किसानो के चेहरे भी उत्तर गए है। ओलावृष्टि से किसानो को भारी आर्थिक नुकशान हुआ है। दो दिन पहले जिस फसल को देख कर किसानो के चेहरे खिल उठे थे उन्ही फसलो को देख अब किसान अपनी किस्मत को कोस रहे है। बेमौसम बारिश से हुए नुकशान की भरपाई के लिए बेबश किसानो की आस अब प्रदेश सरकार पर टिकी हैं।
पीड़ित किसानों ने बताया कि ओले बहुत बड़े-बड़े गिरे हैं, हमारी गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार थी। अब काफी नुकसान हो गया है, सरकार से मदद की उम्मीद है। अगर जल्द सर्वे नहीं हुआ तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फसलों के नुकसान का जल्द आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। फिलहाल बारिश और ओलावृष्टि से मौसम में ठंडक जरूर आई है, लेकिन किसानों के लिए यह राहत नहीं, बल्कि चिंता का कारण बन गई है। वहीं जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है। इस वक्त गेहूं की फसल पक कर खेतों में खड़ी है। जिले के सभी एडीएम और तहसीलदारों समेत सबंधित विभाग को निगरानी के निर्देश दिए हैं। साफ कहा गया कि मौसम की वजह से किसानों की  होती है उन्हें मुआवजा दिलाया जाए।
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