मेरठ : जिले के दौराला थाना क्षेत्र स्थित शिव मंदिर में एक मुस्लिम युवक पिछले 6 महीने से नाम बदलकर रह रहा था। भगवा वस्त्र पहनकर आने वाला कासिम खुद को कृष्ण बताता था। तब से वह मंदिर में पुजारी बनकर रह रहा था। कुछ लोगों को उस पर शक हुआ तो जाँच की गई। इसके बाद उसका राज खुल गया। ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गाँव में एक शिव मंदिर है। मंदिर में एक व्यक्ति पिछले 6 महीने से खुद को कृष्ण बताकर रह रहा था। हाल ही में कुछ ग्रामीणों को उस पर शक हुआ। जिसके बाद हिंदू संगठन के लोग वहाँ पहुँच गए। उन्होंने उससे पूछताछ शुरू कर दी। पहले तो वह चुप रहा, लेकिन जब उसके सामान की तलाशी ली गई तो आधार कार्ड से उसका राज खुल गया। पुजारी के वेश में रह रहा यह शख्स कृष्ण नहीं बल्कि कासिम निकला। कासिम 35 साल का है और सीतामढ़ी जिले का रहने वाला है। गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पकड़कर दादरी गाँव स्थित पुलिस चौकी पर ही पुलिस के हवाले कर दिया।
इस दौरान हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने पुलिस से उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस पूरे मामले में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ कर रही है। साथ ही, इस बात की भी जानकारी जुटाई जा रही है कि किसी पवित्र धार्मिक स्थल पर आकर ठहरने के पीछे उसकी क्या मंशा थी। साथ ही, यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि सीतामढ़ी में कोई अपराध करने के बाद कोई अपनी पहचान छिपाकर तो नहीं रह रहा है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों जब सीएम योगी ने मेरठ में कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की थी, तब भी उन्होंने कहा था कि कुछ लोग भेष बदलकर कांवड़ यात्रा में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कांवड़ मार्गों पर दुकानें आदि लगाने वालों को भी अपनी असली पहचान बताने की हिदायत दी गई थी।

