गुरुग्राम: हरियाणा की सैनी सरकार और गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इस कार्रवाई के चलते रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासियों पर सख्ती बरती जा रही है, जिससे पलायन भी शुरू हो गया है। गुरुग्राम में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। साथ ही, प्रशासन ने संदिग्ध प्रवासियों के लिए बादशाहपुर, सेक्टर-10, सेक्टर-40 और मानेसर में चार होल्डिंग सेंटर बनाए हैं।
इस अभियान के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। आरोप है कि पुलिस और प्रशासन अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की आड़ में पश्चिम बंगाल के लोगों को भी परेशान कर रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस खुलासे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के बंगाली भाषी लोगों को हरियाणा के गुरुग्राम में हिरासत में लिया जा रहा है और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से भी ऐसी ही खबरें मिल रही हैं, जहाँ सभी दस्तावेज़ होने के बावजूद बंगाल के लोगों को बांग्लादेश “धकेला” जा रहा है।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर गुरुग्राम पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सेक्टर 10ए के सामुदायिक केंद्र को अवैध डिटेंशन कैंप बना दिया गया है और बंगाल से आए घरेलू कामगारों, रसोइयों और मजदूरों को धमकाया जा रहा है।
अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर सीएम नायब सिंह सैनी ने दो टूक कहा कि ‘हम ऐसे लोगों को वापस भेजने का काम कर रहे हैं जो बाहर से आए हैं। मैंने पहले भी कहा था, जो लोग बाहर से आए हैं और यहाँ रह रहे हैं, उन्हें अपने देश वापस जाना होगा।’

