चंडीगढ़ : हरियाणा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ राज्य प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने इन घुसपैठियों की पहचान शुरू कर दी है और उन्हें पश्चिम बंगाल सीमा के रास्ते बीएसएफ को सौंपकर बांग्लादेश वापस भेजा जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य को अवैध प्रवासियों से मुक्त कराना है। सभी लोगों की पहचान की जा रही है और उन्हें बस के जरिए बांग्लादेश वापस भेजा जा रहा है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘हरियाणा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की जा रही है और पश्चिम बंगाल सीमा पर बीएसएफ के माध्यम से उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा जा रहा है। हरियाणा की धरती पर एक भी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए को नहीं रहने दिया जाएगा। देश की सुरक्षा और अखंडता के खिलाफ किसी भी तरह की गतिविधि को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारत की एकता को तोड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हरियाणा की धरती पर एक भी अवैध बांग्लादेशी को नहीं रहने दिया जाएगा। देश की सुरक्षा और एकता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रहित में यह कार्रवाई ज़रूरी है।
हरियाणा सरकार ने चेतावनी दी है कि भारत की एकता और अखंडता के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के तहत बीएसएफ और स्थानीय पुलिस मिलकर काम कर रही है।
दरअसल, गृह मंत्रालय के आदेश पर पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासियों के ख़िलाफ़ व्यापक अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के तहत संदिग्ध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है। इस अभियान के बाद शहर में रहने वाले कई परिवारों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस पूछताछ के नाम पर उन्हें परेशान कर रही है।

