रात भर उफान पर रही यमुना नदी, दहशत में रहे लाखो परिवार, हरियाणा मार्ग 24 घंटे के लिए बंद

Yamuna river flowing above the danger mark

सहारनपुर : पहाड़ों में हुई बारिश के कारण यमुना नदी रात भर उफान पर रही। गंगोह के दौलतपुर घाट पर पुल पर पानी आने से सोमवार को बंद हुआ यूपी-हरियाणा मार्ग मंगलवार को भी नहीं खुल सका। सरसावा क्षेत्र में शाहजहांपुर-चिलकाना मार्ग के चोरी मंडी गाँव में यमुना का पानी सड़क पर आ गया। यमुना किनारे बसे गाँवों की हज़ारों बीघा ज़मीन जलमग्न हो गई है।

Yamuna river flowing above the danger mark

यमुना नदी में आई बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान चिलकाना के गाँव टोडरपुर भुखरी और लाल वाला में हुआ है। टोडरपुर भुखरी में यमुना नदी में कटाव के कारण दर्जनों किसानों के खेत नदी में समा गए हैं। खेतों में खड़ी गन्ने और पापुलर की फ़सलें भी नदी में बह गई हैं। नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी, एसडीएम सदर सुबोध कुमार और सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग की टीम ने नदी किनारे बसे बाढ़ प्रभावित गाँवों टोडरपुर भुखरी, लाल वाला, पंचकुआँ और आल्हनपुर का दौरा किया। आल्हनपुर गाँव से सोंधेबाँस जाने वाला कच्चा रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनके नुकसान का सर्वेक्षण कराया जाएगा और यथासंभव उनकी मदद की जाएगी। नदी पार स्थित उत्तर प्रदेश के दो गाँव सोंधेबाँस और गजदीनपुर दूसरे दिन भी जिला मुख्यालय से कटे रहे। लोगों को जगाधरी यमुनानगर होकर सहारनपुर जाना पड़ रहा है।

सरसावा के शाहजहाँपुर-चिलकाना मार्ग पर चोरी मंडी, बिन्नाखेड़ी, सुआँ खेड़ी आदि गाँवों में पानी सड़क पर आ गया, जिससे रास्ते बंद हो गए। एसडीएम नकुड़ सुरेंद्र कुमार ने भी क्षेत्र का दौरा किया और ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए। क्षेत्र के धर्मपाल सिंह, अरविंद चौधरी, संजय प्रधान, अजय प्रधान, दिलीप चौधरी, कमल राणा आदि ने फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। हरियाणा यूपी का जनसंपर्क मार्ग पिछले 24 घंटे से कटा हुआ है। इससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण यमुना नदी ने सनौली गांव के पास कटान शुरू कर दिया है और एक बांध को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है।

विधायक चौधरी कीरत सिंह, जिला उपाध्यक्ष चौधरी सतपाल सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सुशील चौधरी आदि यमुना तट पर पहुंचे और बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। यमुना नदी के आसपास खड़ी सनौली, बल्ला माजरा, हलवाना, नाई माजरा, दौलतपुर, सराजपुर, डबकोला, कुंडा कला आदि गांवों के किसानों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। नकुड़ के एसडीएम सुरेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रामबाबू भी यमुना घाट पहुंचे और स्थिति देखी। हथिनीकुंड बैराज के गेज रीडर शेर सिंह ने बताया कि पूर्वी और पश्चिमी नहरें फिलहाल बंद हैं। जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने पर ही इन्हें खोला जाएगा। अभी पहाड़ों पर भी हल्की बारिश हो रही है। अगर रात में बारिश होती है तो पानी बढ़ने की आशंका है। मंगलवार सुबह पांच बजे यमुना में सबसे अधिक दो लाख 15 हजार 675 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

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