सीएम योगी ने झंडी दिखाकर रवाना किये राहत सामग्री से भरे 48 ट्रक, दो मंत्री और एक विधायक जा रहे पंजाब, हिमाचल और उत्तराखंड 

CM Yogi flagged off 48 trucks filled with relief material

सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को तीन प्रदेशों की सीमा से लगे जनपद सहारनपुर पहुँचे। जहां सीएम योगी ने अंबाला रोड स्थित सरोवर पोर्टिको में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम में आये लोगों को संबोधित किया और केंद्र की मोदी सरकार के नारे “सबका साथ, सबका विश्वास” को साकार करते हुए बाढ़ प्रभावित राज्यों को राहत सामग्री को रवाना किया। उन्होंने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बाढ़ एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत सामग्री से भरे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 48 ट्रकों में राहत सामग्री की 18 हज़ार किट भरी गई हैं। एक किट का वज़न 40 किलो है और जिसमें घरेलू जरूरत के 26 सामान हैं। सीएम योगी इन सभी ट्रकों के दो राज्य मंत्री और एक विधायक को भेजा है।

 

CM Yogi flagged off 48 trucks filled with relief material, Two ministers and one MLA are going to Punjab Himachal and Uttarakhand

सीएम योगी ने राहत सामग्री भेजने के साथ कार्यक्रम में पहुंची सहारनपुर की जनता को संबोधित किया। जहां अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि आज हम 48 ट्रकों के माध्यम से उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में राहत सामग्री पहुँचा रहे हैं। संकट की घड़ी में हम भी उनके साथ खड़े हैं। एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ पूरा देश मदद के लिए तैयार है। उत्तराखंड में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। इसलिए उत्तर प्रदेश की ओर से हम मुख्यमंत्री राहत कोष से उत्तराखंड और हिमाचल सरकार के राहत कोष में 5-5 करोड़ की राशि प्रदान कर रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि इस बार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड और पंजाब में सबसे ज्यादा आपदा आई है। जिससे हजारो परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आपदाओं के समय सतर्क और सावधान रहें। क्योंकि जलजनित रोग जैसे डायरिया, वायरल, डेंगू आदि फैलते हैं। इसलिए सफाई और छिड़काव की आवश्यकता है। जगह-जगह पानी जमा होने से सांप, बिच्छू आदि निकल आते हैं। अगर सांप या कोई जहरीला जीव काट ले तो झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। तुरंत सीएचसी जाएँ और वहाँ टीका लगवाएँ। अगर कोई पालतू जानवर या गली का कुत्ता आपको काट ले, तो टीका ज़रूर लगवाएँ।

सीएम योगी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में बाढ़ से जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उनका हम सर्वेक्षण करा रहे हैं। रिपोर्ट आते ही किसानों को उनके नुकसान का मुआवज़ा दिया जाएगा। मैं यहाँ के प्रशासन का भी धन्यवाद करता हूँ। उन्होंने सिर्फ़ 12 घंटे के नोटिस पर समय पर सारी व्यवस्थाएँ कर दीं।

CM Yogi flagged off 48 trucks filled with relief material, Two ministers and one MLA are going to Punjab Himachal and Uttarakhand

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज हम 48 ट्रकों के ज़रिए उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में राहत सामग्री पहुँचा रहे हैं। इस संकट की घड़ी में हम भी उनके साथ खड़े हैं। एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ पूरा देश मदद के लिए तैयार है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर बादल फटने से काफ़ी नुकसान हुआ है। इसलिए, उत्तर प्रदेश की ओर से हम उत्तराखंड को 5 करोड़ रुपये और हिमाचल सरकार के राहत कोष में 5 करोड़ रुपये प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित शिविरों में पहुँचाया जा रहा है। नाश्ता, दोपहर का भोजन, रात का खाना दिया जा रहा है। बच्चों को दूध दिया जा रहा है। पशुओं को चारा खिलाया जा रहा है। राहत सामग्री के रूप में लाई, चना, चीनी, बिस्कुट, माचिस, मोमबत्ती, नहाने का साबुन, बाल्टी, तिरपाल, आटा, चावल, अरहर की दाल, हल्दी, मिर्च, तौलिया, रिफाइंड तेल आदि दिए जा रहे हैं। बाढ़ और बारिश से प्रभावित परिवारों को सरकार हर संभव मदद दे रही है। सीएम योगी ने सहारनपुर की धरती से पंजाब, उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत समग्र से भरे 48 ट्रको को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। साथ इन ट्रकों के साथ उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तराखण्ड के लिए राज्यमंत्री बृजेश सिंह, हिमाचल प्रदेश के लिए राज्यमंत्री जशवंत सैनी और पंजाब में सदर विधायक राजीव गुंबर को भेजा है।
सीएम योगी ने कहा कि देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब समेत सभी बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा कर रहे हैं। प्रदेश सरकारों से सीधा संपर्क कर पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में हर संभव मदद का प्रयास किया जा रहा है। यमुना नदी सहारनपुर, बागपत, नोएडा जैसे शहरों में बाढ़ ला रही है। बिजनौर से बलिया तक गंगा जी के मुहाने पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसी तरह, जहाँ भी सरयू, गुर्रा, रामगंगा, हिंडन जैसी नदियों में बाढ़ के कारण किसी को परेशानी हुई, सरकार ने तुरंत राहत सामग्री पहुँचाई। जनहानि होने पर उस परिवार को तुरंत 4 लाख रुपये दिए गए। बरसात के मौसम में जंगली जानवरों, साँप-बिच्छुओं से किसी की मृत्यु होने पर सरकार उस परिवार को 4 लाख रुपये दे रही है।

आपदा के कारण अगर किसी का घर गिर जाता है, तो सरकार नया घर बनाने के लिए पैसे देती है। अगर किसी का घर नदी में डूब जाता है, तो सरकार उस परिवार को ज़मीन का पट्टा देती है और घर बनाने का खर्च भी वहन करती है। आपने देखा होगा, यूपी में बाढ़ सबसे बड़ी चुनौती रही है। हम अभी इस आपदा से बचे हैं। निचले स्तर पर ही जलभराव हुआ है। लेकिन, बड़े पैमाने पर बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए समय पर किए गए प्रावधान इस बात का प्रमाण हैं कि हम नियंत्रण में हैं। आज यह राहत सामग्री उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी जा रही है। किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयास काफी कारगर रहे हैं।

 

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