देवबंद : इन दिनों पुरषों और महिलाओं में जिम करने को लेकर होड़ सी लगी हुई है। खुद को फिट रखने के लिए पुरुषों के साथ महिलाएं और युवतियां भी जिम में वर्कआउट कर रही हैं। मुस्लिम महिलाओं और युवतियों के पुरुषों के साथ जिम जाने पर उलेमाओं ने न सिर्फ एतराज जताया है बल्कि इस्लाम के खिलाफ करार दिया है।
जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक और विद्वान मौलाना कारी इसहाक गोरा ने पुरुषों और महिलाओं के एक साथ जिम करने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह तरीका शरीयत और इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है। गोरा ने कहा कि आजकल जिम और व्यायाम का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का ध्यान रखना निश्चित रूप से इस्लाम की शिक्षाओं के अनुरूप है, क्योंकि एक मज़बूत और स्वस्थ मोमिन अल्लाह को ज़्यादा प्रिय होता है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस चलन ने हमारे समाज में नई समस्याएँ पैदा कर दी हैं।
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