सहारनपुर : इन दिनों “I Love Mohamed” के बाद हिन्दू संगठनों और भाजपा नेताओं में बैनर-पोस्टर लगाने की होड़ मची हुई है लखनऊ में भाजपा नेता ने “आई लव बुलडोजर” और “आई लव योगी आदित्यनाथ” लिखे पोस्टर लगाए हैं। जिसके बाद सियासी गलियारों से लेकर धर्म गुरुओं तक बहस छिड़ी हुई है। जुम्मे की नमाज के बाद बरेली में झड़प हो गई जीके बाद पुलिस ने सैंकड़ों उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है जबकि दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

बरेली में हुए उपद्रव के बाद देवबंदी उलेमाओं ने न सिर्फ मुसलमानों को हिदायत दी है बल्कि राजनेताओं से भी अपील की है। कारी इशहाक गोरा ने कहा कि Love तो Love होता है, और Love के अपने मायने भी होते हैं। प्यार को एक अपराध नहीं समझा जाना चाहिए। प्यार का इज़हार किसी भी चीज़ से किया जा सकता है। प्यार को किसी मुद्दे या अपराधी की तरह पेश नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर कोई “आई लव महादेव” या “आई लव मोहम्मद” लिख रहा है तो इसमें क्या बुराई है? यह प्यार जताने का एक तरीका है। मैं “आई लव मीडिया” भी कह सकता हूँ। इसमें क्या गुनाह है? प्यार को अपराध न समझें और इसका राजनीतिकरण न करें। जहाँ तक विवाद और हिंसा की बात है, किसी को भी हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए। कोई भी काम करने से पहले उसके तरीके और शिष्टाचार पर विचार करना चाहिए।
मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि वे “आई लव महादेव” और “आई लव महाकाल” कहें। मैं गर्व से कहता हूँ “आई लव मुहम्मद”। मुझे मीडिया से भी प्यार है तो मैं कह सकता हूँ “आई लव मिडिया”। प्यार को सिर्फ़ प्यार ही रहने देना चाहिए इसे राजनीतिक मुद्दा नबनने दें। सीएम योगी के ब्यान पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अपनी ज़िम्मेदारियाँ हैं। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए ब्यान दिया है। भारतीय जनता प्यार करती है। प्यार से कही गई हर बात को सहजता से स्वीकार और समझ लेते हैं।

