सहारनपुर : “आई लव महादेव” और “I LOVE MOHAMED” को लेकर देश भर में अनोखी बहस छिड़ गई है जहां धर्म गुरु एक दूसरे पर छींटाकसी कर रहे हैं वहीं सियासी गलियारों में भी हलचल मच गई है। सहारनपुर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने “I LOVE MOHAMED” और बरेली में हुए उपद्रव को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने उलेमाओं से इस मसले पर रोक लगाने की अपील की है वहीं मुसलमानों से भी सड़कों पर नहीं उतरने का आग्रह किया है।

इमरान मसूद ने कहा कि मस्जिदे नमाज के लिए होती है। नमाज के बाद इस तरह से इकट्ठा होकर उत्पात नहीं मचाना चाहिए। ऐसा कोई मुसलमान नहीं है, जिसके दिल में मोहम्मद के लिए मोहब्बत न हो। जो मोहम्मद की मोहब्बत नहीं रख सकता है, वो मुसलमान ही कैसे हो सकता है। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग कि है कि इस खेल के पिछे कौन है उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाये।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि उसको हमें बताने और दिखाने की जरूरत नहीं है। मैंने पहले भी कहा है और अब फिर कह रहा हूं
“आई लव मोहम्मद”। मोहम्मद मेरी जिंदगी का मकसद है। उनके उसूलों पर चलना। उनके आदर्शों को मानना। उसके लिए ये जरूरी नहीं है कि हम सड़कों पर आकर इस प्रकार की हरकत करें। मुझे नहीं पता ये क्या तमाशा चल रहा है। ये किसी सूरत में जायज नहीं है और इससे बचना चाहिए।
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उन्होंने मौलानाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें इसके लिए आगे आना चाहिए और इसको रोकने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने लखनऊ में पोस्टर पर लिखे “आई लव बुलडोजर” को लेकर कहा कि ये क्या तमाशा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस प्रकार के खेल क्यों खिलवाना चाह रहे हों। उन्होंने कहीं न कहीं 2027 के चुनाव को लेकर इस पूरी पथकथा की ओर इशारा किया। सांसद इमरान मसूद ने आगे कहा कि इस पूरे खेल के पीछे कौन लोग है, इन लोगों की पहचान करनी पड़ेगी।
इमरान मसूद ने कहा “अल्लाह-अल्लाह करके मोहब्बत का माहौल खत्म हो रहा है। इस प्रकार नफरत का माहौल दोबारा पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ये दोबारा नहीं होना चाहिए। ये नफरत का माहौल देश को नुकसान पहुंचाने का काम करेगा। जिस मोहम्मद के ऊपर ये सब हो रहा है, आप लोग इकट्ठा होकर इस तरह से कर रहे हैं। ये किसी भी सूरत में जायज नहीं है। ये सब बंद करना चाहिए और हर सूरत में बंद होना चाहिए।”
“आई लव महादेव” और “आई लव मोहम्मद” को लेकर कार्रवाई होने पर इमरान मसूद ने कहा कि भाजपा सिर्फ कार्रवाई तो मुसलमान के ऊपर करती ही है। मुसलमान को टारगेट करने का काम ये हमेशा से करते आये है। ये कोई नई बात नहीं है। इस बात को कहने में मुझे न तो कोई शर्म और न ही झिझक है। लेकिन हमें उन बातों को समझना चाहिए। उन चीजों से परहेज करें, जिन चीजों से नफरते पैदा हो रही है। हालांकि मोहम्मद ने तो इंसानियत का पैगाम दिया। उनकी जीवनी को पढ़ोगे तो पता चलेगा कि वो क्या थे।

