इस मामले में, उसने अपने दोस्तों पर मारपीट का आरोप लगाया। स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चार्जशीट दाखिल करने के बावजूद, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे वह नाराज था। इसी के चलते उसने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास के पास विक्रमादित्य मार्ग चौराहे के पास आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। गौतमपल्ली थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि युवक कई दिनों से तनाव में था। बंदरिया बाग चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक आदित्य सिंह और मौके पर तैनात पुलिस बल ने तुरंत आग बुझाई। शिवम के हाथ और पैर के निचले हिस्से झुलस गए। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसके परिजनों को घटना की सूचना दी गई।
थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि शुरुआती जाँच में पता चला है कि एक अन्य युवक शिवम की प्रेमिका से बातचीत करने लगा था। इसी बात को लेकर शिवम और उस युवक के बीच विवाद हो गया था। प्रेमिका ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, लड़की की शादी शिवम के दोस्त सौरभ मिश्रा से तय कर दी गई। इस वजह से शिवम काफी समय से तनाव में था। सौरभ और अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की थी। इसके बाद उसने बाराबंकी के फतेहपुर थाने में कई लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है।
इससे पहले भी कई ऐसी ही घटनाएँ हो चुकी हैं। जून में एक महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। पीलीभीत के बाजार घाट वैला थाना क्षेत्र निवासी सुमित्रा कौर (27) अपने भाई मंदीप सिंह और भतीजे के साथ मुख्यमंत्री आवास के सामने पहुँची थीं। उन्होंने आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर गौतम पल्ली पुलिस को सौंप दिया। इस मामले में भी पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगा था।
इससे पहले, अगस्त 2024 में, उन्नाव के पुरवा क्षेत्र की रहने वाली अंजलि जाटव ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार से निकलकर खुद को आग लगा ली थी। उसका बच्चा उसके साथ था। गंभीर रूप से झुलसी महिला की कई दिनों के इलाज के बाद मौत हो गई थी। घटना को भड़काने वाले वकील पर भी मुकदमा चलाया गया था।

