सहारनपुर : भाजपा नेता आचार्य प्रमोद कृष्णमम रविवार को सहारनपुर में थे। जहां उन्होंने टायर जला कर तेल निकालने वाली फैक्ट्री का उध्घाटन किया। मिडिया से रूबरू होते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णमम ने जहां पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की जमकर तारीफ़ की वहीं राहुल गांधी को नक्सलवाद माओवाद और आतंकवाद का हितैषी करार दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह देश से नक्सलवाद माओवाद और आतंकवाद करना चाहते है लेकिन राहुल गांधी को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। वहीं उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर कहा कि कांग्रेस तेजस्वी यादव को नहीं चाहती तो वहीँ लालू यादव का परिवार कांग्रेस को ख़त्म करना चाहता है।
भाजपा नेता आचार्य प्रमोद कृष्णमम ने कहा कि प्रधानमंत्री जी इस देश को नक्सलवाद माओवाद और आतंकवाद से मुक्त करना चाहते हैं। लेकिन जो विपक्ष है ख़ास तौर से राहुल गांधी और उनकी टोली है। उन्हें बड़ा कष्ट है कि देश नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है। सबसे ज्यादा पीड़ा तो राहुल गांधी को पहुंच रही होगी कि ये देश नक्सलवाद से मुक्त क्यों हो रहा है। क्योंकि नक्सलवाद माओवाद और आतंकवाद ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
हमारे बहुत बड़े बड़े नेताओं की भेंट उनके प्राणों का बलिदान नक्सलवाद माओवाद और आतंकवाद के द्वारा हुआ है। इस देश ने बड़े जख्म झेले हैं। लेकिन ये भारत का शौभाग्य है भारत को सरदार पटेल के बाद अमित शाह के जैसा गृहमंत्री मिला है और नरेंद्र मोदी के जैसा महान राष्ट्र भगत प्रधान मंत्री मिला है। भारत के यशस्वी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के सशक्त गृहमंत्री अमित शाह की जो रणनीति है। उससे देश धीरे-धीरे नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है। मुझे लगता है जल्दी ही वो समय आएगा कि भारत नक्सलवाद माओवाद और आतंकवाद से मुक्त हो गया है।
बिहार चुनाव को लेकर आचार्य प्रमोद कृषणमम ने कहा कि ये जो क्षेत्रीय पार्टियां हैं जातिवाद के आधार पर इनकी इमारत खड़ी है। जातिवाद की बुनियाद यानी नींव है उस पर इनकी इमारत खड़ी है और ये देश जातिवाद को नकार चुका है। बिहार की राजनीती विकास के ऊपर होगी। विकास के दृष्टिकोण को विकास की बात को ध्यान में रखते हुए विकास को दृष्टिगत करते हुए बिहार की जनता वोट करेगी। मुझे लगता है कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बिहार में जो एनडीए का गठबंधन है वो जमीनी स्तर पर बहुत सशक्त है।
एनडीए बहुत ताकतवर तरीके और पूरी शक्ति से बिहार चुनाव लड़ रहा है। जहां तक दुसरा गठबंधन है उसके मोटिव ही क्लियर नहीं हैं। कांग्रेस तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री घोषित नहीं करना चाहती। कांग्रेस पार्टी तेजस्वी यादव को लेकर के अपनी स्टेंथ बनाना चाहती है। बिहार में कांग्रेस जमीन तलाश करके सियासी रूप माकन बनाना चाहती है। जबकि लालू यादव का परिवार बिहार से कांग्रेस को खतम हैं। कांग्रेस को खतम करने का काम वहां बीजेपी ने नहीं किया। कांग्रेस को बिहार में ख़तम करने का काम किसी ने किया तो वह लालू यादव ने किया। ऐसे में वो बदला भी कांग्रेस चुकाना चाहती है।
इसलिए गठबंधन में जब इतने भीतर तक दिलों में फर्क हो तो हो सकता है देश की जनता या बिहार की जनता उस गठबंधन को नकार देती है। ये सबसे बड़ा कारन होगा कि बिहार में जो चुनाव हो रहा है चुनाव के जब नतीजे आएंगे तो बिहार का रिजल्ट भी हरियाणा, महारष्ट्र और गुजरात जैसे ही होंगे। उन्होंने कहा कि बिहार ही नहीं पूरा देश प्र्धान मंत्री नरेंद्र मोदी को देख रहा है और उन्ही के चेहरे को वोट दिया जा रहा है।
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