शामली का सिपाही गाजियाबाद में शहीद, गांव में मातम, बेटे की शहादत पर पिता ने क्या कहा ?

Shamli's constable martyred in Ghaziabad

शामली : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के थाना मसूरी क्षेत्र में रविवार देर रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नोएडा फेज-3 थाने की पुलिस एक वांछित लुटेरे को पकड़ने पहुंची थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कादिर उर्फ ​​मंटा नाम के शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया। कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी से गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर न सिर्फ पथराव किया बल्कि लाठी-डंडों से भी उनकी पिटाई की। ग्रामीणों के हमले में एक सिपाही शहीद हो गया जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए। शहीद सिपाही की शहादत के बाद पैतृक गांव बधेव में मातम का माहौल है। पूरा गांव गम में डूबा हुआ है। शहीद सौरभ 2017 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे और अपनी मेहनत के दम पर एसओजी टीम में चयनित हुए थे।

Shamli's constable martyred in Ghaziabad

बता दें कि शामली के गांव बधेव निवासी उत्तम कुमार का बेटा सौरभ 2017 में यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। वर्तमान में सौरभ नोएडा की एसओजी में तैनात था। रविवार रात सौरभ एसओजी टीम के साथ कुख्यात अपराधी कादिर उर्फ ​​मंटा को पकड़ने गया था। पुलिस टीम आरोपी को लेकर गांव से निकल रही थी, इसी बीच पंचायत भवन के पास घात लगाकर बैठे उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। पथराव के साथ फायरिंग भी शुरू हो गई, जिसमें एक गोली कांस्टेबल सौरभ कुमार के सिर में लग गई। गंभीर रूप से घायल सौरभ को गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गांव में यह खबर लगते ही पूरे गांव में मातम छा गया। उसकी मौत की खबर मिलने के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। बधेव गांव निवासी सौरभ कुमार बचपन से ही मेधावी छात्र थे। उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई सेंट फ्रांसिस स्कूल, बारहवीं सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल और बीकॉम तक की पढ़ाई सिल्वर बेल्स मैनेजमेंट कॉलेज से पूरी की थी। सौरभ 2017 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। अपनी कार्यकुशलता और लगन के चलते वे गौतमबुद्ध नगर पुलिस की एसओजी टीम का हिस्सा बने और कई ऑपरेशन में सफलता हासिल की। ​​

सिपाही के पिता उत्तम कुमार ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले ही सौरभ अपनी पत्नी से फोन पर बात कर रहे थे और कहा था कि जल्द ही घर आकर खाना खाएंगे। लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। शहीद सौरभ अपने परिवार में सबसे पढ़े-लिखे और सबसे छोटे बेटे थे। उनके बड़े भाई रजत ने 12वीं तक पढ़ाई की है और पिता उत्तम कुमार गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। सौरभ के पिता ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना पुलिस में भर्ती होने का था। Shamli News

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