बरेली : 26 सितंबर को बरेली में हुई हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने शनिवार को आरोपी नदीम खान को हिरासत में ले लिया। हिंसा से पहले, नदीम ने मौलाना तौकीर रज़ा की पार्टी IMC के लेटरहेड पर जाली दस्तखत करके लोगों को गुमराह करने वाले खत बांटे थे। इस मामले में नदीम से पूछताछ की गई। पुलिस ने उसके घर से जाली खत बरामद किया, जिस पर IMC के पदाधिकारी लियाकत के जाली दस्तखत थे। लियाकत ने खुद इस मामले में पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसपी सिटी मानुष पारेख ने बताया कि 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में कुल 12 मामले दर्ज किए गए। इनमें से एक मामला लियाकत अली ने दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौलाना तौकीर रज़ा के करीबी नदीम खान ने डॉ. नफीस और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक जाली खत तैयार किया था, जिसमें कहा गया था कि मौलाना तौकीर ने अपना आंदोलन का आह्वान वापस ले लिया है।
खत पर लियाकत के दस्तखत थे, जिसे लियाकत ने साफ तौर पर नकार दिया। बाद में, आरोपियों ने इस खत को WhatsApp पर फैला दिया और दावा किया कि यह फर्जी है। इससे लोगों में भ्रम फैल गया। बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई और शहर में दंगे भड़क गए। यह जालसाजी अधिकारियों को गुमराह करने के लिए की गई थी।
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