सहारनपुर : सहारनपुर के थाना सरसावा इलाके की कौशिक विहार कालोनी में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से हर कोई सदमे में है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उच्च अधिकारी फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर बारीकी से जांच कर रहे हैं। मंगलवार की सुबह घर के अंदर तहसील के अमीन अशोक राठी, उसकी पत्नी अजिता, मां विद्यावती और दो बेटे कार्तिक-देव के शव मिलने से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं घर के सभी दरवाजे अंदर से बंद होने के चलते पुलिस हत्या और आत्महत्या की गुत्थी में उलझ गई है। हालाँकि पुलिस अधिकारी घटना को प्रथम दृष्ट्ता आत्महत्या ही बता रहे हैं। एसएसपी के मुताबिक़ प्रथम जांच में पाया गया कि अशोक ने अपने परिवार को गोली मारने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। वहीं स्थानीय विधायक और सांसद भी घटना को आत्महत्या ही मान रहे हैं।

आपको बता दें कि अशोक राठी तहसील नकुड़ में अमीन के पद पर तैनात था। अशोक को यह नौकरी अपने पिता की मौत के बाद मिली थी। अशोक राठी मूल रूप से गाँव हारीबांस के रहने वाले थे और परिवार के साथ कोशिश विहार कॉलोनी में किराए पर रहते थे। मंगलवार की सुबह कोशिश विहार कॉलोनी में उस वक्त सनसनी फ़ैल गई जब अशोक राठी के भांजे ने घर के अंदर का नजारा देखा। मकान की पहली मंजिल पर एक कमरे में सभी के खून से लथपथ शव पड़े मिले। जिससे पुलिस मकहमे में हड़कंप मच गया। आनन फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मकान के सभी दरवाजे अंदर से बंद थे और जिस कमरे में परिवार के शव पड़े थे वह कमरा भी अंदर से बंद था। जिसके चलते चलते पुलिस घटना को आत्महत्या मान रही है।

एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि प्रथम जांच से प्रतीत होता है कि अशोक राठी ने पहले अपनी मां विद्यावती, पत्नी अजिता और दोनों बेटों कार्तिक व देव को गोली मारी और उसके बाद खुद की छाती में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जांच में सामने आया कि जिस तरह सभी के सिरों में ब्लेक स्पॉट बने है उससे प्रतीत होता है कि विद्यावती, अजिता और बेटों के सिर में सटा गोली मारी गई है। बावजूद इसके पुलिस सभी पहलुओं पर जाँच कर रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है।
वहीं घटना स्थल पहुंचे नकुड़ से भाजा विधायक मुकेश चौधरी भी घटना को आत्महत्या ही मान रहे हैं। बीजेपी विधायक ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अशोक राठी नकुड़ विधानसभा क्षेत्र के गांव हारीबांस के रहने वाले थे। वे तहसील बेहट में मृतक आश्रित अमीन के पद पर कार्यरत थे। पिछले कई सालों से सरसावा की कौशिक विहार कॉलोनी में किराये पर रहते थे। उसने अपने परिवार के साथ आत्महत्या की है यह बहुत ही दुखद घटना है। बूढी मां और मासूम बच्चों के साथ हुई यह बहुत असहनीय घटना है। पुलिस जाँच में आत्महत्या सामने आई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
पांच मौतों की सुचना पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भी सरसावा पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। इमरान मसूद ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि जिस प्रकार अशोक की बहन का फोन आया और नहीं उठा तो उन्होंने आकर देखा कि घर के सभी दरवाजे और खिड़कियाँ अदंर से बंद है दरवाजा तोड़ कर देखने पर लगता है कि यह हत्या नहीं आत्महत्या हो सकती है। लेकिन इस तरह परिवार के साथ आत्महत्या समाज में एक बहुत बड़ा दोष है जो लगातार विकराल रूप ले रहा है जिसके चलते सामूहिक आत्महत्याएं हो रही हैं। उन सामूहिक आत्महत्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है इसके लिए समाज को जरूर सोचना पडेगा। माँ, पत्नी और दोनों मासूम बच्चों के साथ आत्महत्या करने की घटना से समूचा जिला आहत है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि ऐसी वजह रही जो अशोक राठी ने मासूम बच्चों और माँ -पत्नी के साथ आत्मघाती कदम उठाना पड़ा ?
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