सहारनपुर : इंदौर की पीएचडी स्कॉलर रोहिणी घावरी द्वारा नगीना सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद करणी सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। करणी सेना ने कड़ा रुख अपनाते हुए चंद्रशेखर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और रोहिणी को न्याय दिलाने की मांग की है।

करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष नीरज चौहान ने कहा कि उनका संगठन रोहिणी और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और सांसद के खिलाफ कार्रवाई होने तक चुप नहीं बैठेगा। न्याय की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ी जाएगी। करणी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते न्याय नहीं मिला तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रेस को संबोधित करते हुए नीरज चौहान ने कहा कि “रोहिणी अपने साथ हुए अत्याचारों के लिए भारतीय न्यायपालिका से न्याय की गुहार लगा रही है। नगीना से सांसद चंद्रशेखर जैसे रावण ने उसका शोषण किया है और आज वह इस अन्याय के खिलाफ बोलने को तैयार है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चंद्रशेखर के खिलाफ आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।”
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ रोहिणी का निजी मामला नहीं बल्कि दलित बेटी के सम्मान की लड़ाई है जिसमें करणी सेना पूरी ताकत से शामिल है। करणी सेना के अध्यक्ष नीरज चौहान ने प्रशासन से इस गंभीर मामले का तुरंत संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करने की अपील की है। नीरज चौहान ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते रोहिणी को न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि यह मामला सामाजिक और नैतिक मूल्यों से जुड़ा है और वे इस लड़ाई को आखिरी सांस तक लड़ेंगे।
करणी सेना ने रोहिणी घावरी और उनके परिवार के साथ अपना समर्थन और एकजुटता का ऐलान किया है। रोहिणी घावरी ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सांसद ने उनके साथ विश्वासघात किया और उनका शोषण किया।
स्विट्जरलैंड में पीएचडी कर रहीं रोहिणी ने कहा कि दलित आंदोलन में उनके साथ काम करते हुए उन्होंने चंद्रशेखर का साथ दिया था, लेकिन बदले में उन्हें धोखा दिया गया। उनके आरोपों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है, हालांकि चंद्रशेखर ने कहा है कि वह इस मामले का जवाब कोर्ट में देंगे।

