बढ़ने लगा UP में एयर पॉल्यूशन, हापुड़ का AQI 500 और लखनऊ का 280 के पार, किसानों की होने लगी फसलें बर्बाद

Air Poluution in UP

लखनऊ : सुबह-शाम कोहरे और धुंध की वजह से UP के कई जिलों में पॉल्यूशन का लेवल लगातार बढ़ रहा है। हापुड़ में गुरुवार देर रात एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 529 और शुक्रवार को 511 रिकॉर्ड किया गया। इसे सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। कई जिलों में पॉल्यूशन का लेवल 300 के पार चला गया है। गाजियाबाद इस लिस्ट में सबसे आगे है, उसके बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ और लखनऊ हैं।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार सुबह लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 356 रिकॉर्ड किया गया, जबकि दोपहर में AQI 290 तक पहुंच गया। इसके अलावा, इंडस्ट्रियल इलाकों में भी हालात बहुत खराब हैं। गोमती नगर, कुकरैल, लालबाग और अलीगंज में प्रदूषण का लेवल 300 के आसपास पहुंच रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, तालकटोरा इंडस्ट्रियल एरिया का AQI 299, केंद्रीय विद्यालय लखनऊ का 178, लालबाग का 231, गोमती नगर का 180, अंबेडकर नगर यूनिवर्सिटी का 182 और कुकरैल पिकनिक स्पॉट का 127 है।

मरीजों को सांस और आंखों की दिक्कत: CMO डॉ. एन.बी. सिंह के मुताबिक, सरकारी जिला अस्पताल में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चेस्ट फिजिशियन आउटपेशेंट डिपार्टमेंट में मरीजों की संख्या में 40% की बढ़ोतरी देखी गई है। यह सिर्फ लखनऊ में ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर सरकारी अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन आउटपेशेंट डिपार्टमेंट में है। बहुत से लोग प्रदूषण से होने वाली एलर्जी से परेशान हैं, खासकर जिन्हें लंबे समय से सांस लेने में दिक्कत है। ज्यादातर मरीज खांसी और सांस लेने में तकलीफ के साथ आ रहे हैं। इसके अलावा, मरीज आंखों की दिक्कतों के साथ भी आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज आंखों में जलन और लाली के कारण अस्पताल के आउटपेशेंट डिपार्टमेंट में पहुंच रहे हैं।

दिल्ली से सटे जिले हापुड़ में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को AQI 500 से ज़्यादा हो गया। हापुड़ की हवा लगातार ज़हरीली होती जा रही है। फसलों पर प्रदूषण के कण जमा होने से फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे प्रभावित किसानों को अपनी फसल जोतनी पड़ रही है। पिलखुवा के किसान ओमप्रकाश सैनी का कहना है कि उन्होंने 60,000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोभी के बीज खरीदे और उन्हें अपने खेत में लगाया। लेकिन, प्रदूषण के कारण फसल पर प्रदूषण के काले कण जमा हो गए हैं, जिससे वह बर्बाद हो रही है। बाजार में गोभी का भाव सिर्फ तीन से चार रुपये है, जिससे लागत भी नहीं निकल रही है। उन्हें खेतों में ही रहना पड़ रहा है।

  प्रदूषण के कारण आंखों की समस्याओं के लक्षण…
– आंखों से बहुत ज़्यादा डिस्चार्ज होना और आंखों के कोनों में खुजली होना।
– अगर किसी व्यक्ति को आंखों की समस्या हो रही है, तो पहला लक्षण जलन होगा।
– आंखों में दर्द के अलावा, कई लोगों को लगातार पानी आने की समस्या होती है।
– आंखों में खुजली होना।
– आंखों की समस्याओं के कारण लगातार सिरदर्द होना।
– कई मामलों में देखा गया है कि प्रदूषण से प्रभावित लोगों की आंखें लाल हो जाती हैं।
– सुबह उठने पर आंखें चिपचिपी हो जाती हैं।
नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts