सहारनपुर : फतवों की नगरी देवबंद जहां इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारूल उलूम की वजह से पहचान रखता है वहीं देवबंद के पूर्व में सिद्धपीठ मां त्रिपुरा बाला सुंदरी मंदिर से भी जाना जाता है। सिद्धपीठ मां त्रिपुरा बाला सुंदरी देवी मंदिर में हर साल विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में कई राज्यों से श्रद्धालू माँ भगवती के दर्शन करने आते हैं। इस बार एक अप्रैल से शुरू होने वाले मेले से पहले माहौल गरमाता नजर आ रहा है। स्वामी यशवीर महाराज एक समुदाय विशेष के लोगों को मेले में दुकान न लगाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो उसका विरोध किया जायेगा। वहीं मंदिर के मुख्य पुजारी ने उनके ब्यान का न सिर्फ खंडन किया है बल्कि स्वामी यशवीर महाराज के ब्यान को बेबुनियाद बताया है।
आपको बता दें कि स्वामी यशवीर महाराज ने वीडियो जारी कर देवबंद के प्रसिद्द मेले को लेकर विवादित ब्यान दिया है। स्वामी यशवीर ने कहा कि देववृंद यानि देवबंद के माँ त्रिपुरा बाला सुंदरी देवी मंदिर में एक अप्रैल से लगने वाला मेला हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। इस मेले में थूक और मूत्र जिहाद वाले लोगों को दूकान नहीं लगने दी जाएगी। मूत्र जिहाद वाले लोग लोग हिन्दुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करते आये हैं। इसलिए इस मेले जिहादी लोगों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो इसका विरोध किया जाएगा। जिसके बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा और विवाद शुरू हो गया है। इसी मामले में मंदिर के मुख्य पुजारी एवं धर्मगुरु पंडित सतेन्द्र शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेले की व्यवस्था नगर पालिका के तत्वावधान में होती है और यह परंपरा वर्षों पुरानी है। उन्होंने कहा कि देवबंद में लंबे समय से मुस्लिम समुदाय के जनप्रतिनिधि मेले की व्यवस्थाओं से जुड़े रहे हैं।

