सीबीआई निदेशक की ओर से 26 मई को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जांच के दौरान आयोग के तीन कर्मचारियों सिस्टम एनालिस्ट गिरीश गोयल, अनुभाग अधिकारी विनोद कुमार सिंह और समीक्षा अधिकारी लाल बहादुर पटेल के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है, जो अभी तक नहीं मिली है। अगर एक माह के अंदर अभिलेख और अभियोजन स्वीकृति नहीं मिली तो इस असहयोगात्मक रवैये के चलते जांच हमेशा के लिए रोकनी पड़ेगी।
सीबीआई के पत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि आयोग ने पीसीएस 2015 भर्ती की जांच से जुड़े अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए हैं। इस संबंध में सीबीआई आयोग को करीब 15 पत्र लिख चुकी है। इसके बावजूद आयोग ने अभिलेख नहीं दिए हैं। निदेशक ने लिखा है कि इन परिस्थितियों में जांच पूरी कर पाना और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल है। सीबीआई इन मामलों की जांच राज्य सरकार के अनुरोध पर कर रही है, जिसमें आयोग का रवैया लगातार असहयोगात्मक रहा है।

