शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरे देवबंदी उलेमा, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की कर दी मांग

Ulema on Dhirendra Shastri
सहारनपुर : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी से गाय को उत्तर प्रदेश में राजकीय पशु का दर्जा देने की मांग की है। इसके लिए शंकराचार्य ने 40 दिन का अल्टीमेटम देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों के साथ धार्मिक क्षेत्रों मे हलचल मच गई है। इस्लामिक धर्म गुरु भी गाय प्रकरण को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ आ गए हैं।
Avimukteshwaranand Magh Mela 2026, Parayagraj Magh Mela, Avimukteshwaranand Magh Mela, Avimukteshwaranand left the fair, Shankaracharya Avimukteshwaranand
देवबंदी उलेमाओं ने शंकराचार्य की इस मांग का खुले शब्दों मे समर्थन किया है बल्कि गाय को राजकीय पशु के साथ साथ राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग कर दी है। देवबंदी उलेमा कारी इश्हाक गौरा ने कहा कि हम ही नहीं हमारे पूर्वज भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते रहे हैं। लेकिन राजनेता गाय के नाम पर सियासत कर अपना उल्लू सीधा करने मे लगे हैं। अगर गाय के नाम पर सियासत बंद हो जाये तो देश पहले से ज्यादा तरक्की कर सकता है।

देवबंदी उलेमा कारी इश्हाक गोरा ने कहा कि हाल ही मे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी का जो बयान आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से ये मांग की है कि गाय को राजकीय माता घोषित किया जाये। देखिए हर धर्म की अपनी एक आस्था होती है। अपनी आस्था के बिहाप पर मांग कर सकता है। शंकराचार्य जी ने भी यही मांग की है। उनकी मांग को पूरा करना चाहिए। हम और हमारे पूर्वज भी गाय को राज्य माता ही नहीं बल्कि राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाने की मांग करते आ रहे हैं। गाय को पूरे राष्ट्र में राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए दुर्भाग्य की बात है कि जहां गाय की रक्षा पर बात करते हैं और कुछ दल गौरक्षा के नाम पर बवाल करते हैं। आज भी हमारे मुल्क के कुछ राज्यों में खुल्लमखुला गाय काटी जाती और गाय का मांस बेचा जा रहा है। जो बहुत निंदनीय है। तमाम हिंदुस्तानियों के लिए य़ह आस्था से जुड़ी हुई है और उसकी हत्या हो रही है। वहीं गाय के नाम पर राजनीति हो रही है। इससे बढ़कर कोई दुर्भाग्य की बात नहीं हो सकती। इस मामले में सुप्रिम कोर्ट को आदेश जारी करना चाहिए, साथ ही केंद्र सरकार को भी इस ध्यान देना चाहिए। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी ने जो मांग की है उस पर अमल करना चाहिए। उनकी यह मांग जायज है और हमें उम्मीद है यूपी के मुख्यमंत्री उनकी इस मांग को जल्द पूरा करेंगे।

कारी इश्हाक गोरा ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी एक बड़ा चेहरा हैं। गाय को लेकर जो उन्होंने मांग की है उस मांग हिन्दू संगठन भी करते रहे हैं। गाय हिन्दू धर्म की आस्था है इसलिए इस पर राजनीति करना गलत है। बहरहाल जो मांग की जाये उसे पूरा करना सरकार का काम है। असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा के बयान पर उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री का बयान विवादित है। वे जिम्मेदार पद पर बैठे हैं।उनका खुल्लमखुल्ला बयान दे रहे हैं जिसमें वे मुसलामानों के ख़िलाफ़ जहर उगल रहे हैं।  वे कह रहे हैं कि अगर रिक्शे वाला मियां भाई 5 रुपये मांगे तो 4 रुपये दें बाकी हम देख लेंगे।

इस तरह की बयानबाजी कर आप देश को कहां ले जा रहे हैं। आप हिन्दू मुलसमान के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। जिससे देश को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आप हिन्दू मुस्लिम की राजनीति तो कर रहे हैं लेकिन अपने प्रदेश में गौहत्या नहीं रुकवा पा रहे। असम में खुलेआम गाय का मांस बिकता है। अगर कोई सवाल करता है तो आप जुबान घुमा लेते हैं आप किस तरह के धार्मिक है। उनके इस ब्यान पर केंद्र सरकार को तुरन्त संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही सुप्रिम कोर्ट को भी ऐसे मुख्यमंत्री पर एक्शन लेना चाहिए।
नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts