आगरा : ताजनगरी आगरा में नकली दवा सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई के दौरान गुरुवार को यमुना किनारे दवाइयाँ जलाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह वीडियो ताजगंज थाना क्षेत्र के गाँव नगला पैमा के पास नगला घड़ी के जंगलों का था। औषधि विभाग, एसटीएफ, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें ताजगंज के धांधूपुरा पहुँचीं। टीम ने कई तरह की अधजली दवाइयाँ बरामद कीं।
जांच में रामा मेडिकल स्टोर और रामा क्लीनिक का नाम सामने आया। टीमों ने रामा क्लीनिक संचालक शिव सिंह से पूछताछ की। पता चला कि एसटीएफ और औषधि विभाग की छापेमारी के डर से झोलाछाप ने यमुना किनारे जंगल में दवाइयाँ जला दी थीं। शुक्रवार देर रात आरोपी झोलाछाप को हिरासत में ले लिया गया। आरोपी का भाई फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब एक लाख रुपये की और दवाइयाँ बरामद की हैं।
ताजगंज थाना प्रभारी निरीक्षक जयवीर सिरोही के अनुसार, रामा क्लीनिक संचालक शिव सिंह ने बताया कि कुछ इंजेक्शन के पैकेट गिरने से टूट गए थे। इसके साथ ही दवाइयाँ भीगने से खराब हो गईं। इसलिए उन्हें जला दिया गया। जब औषधि विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिव सिंह से लाइसेंस माँगा तो उसने कहा कि उसके पास लाइसेंस नहीं है। उसके पास क्लीनिक और मेडिकल स्टोर का लाइसेंस न होने पर टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
ताजगंज थाने के इंस्पेक्टर जयवीर सिरोही ने बताया कि शिव सिंह के क्लीनिक से बुखार, खांसी, एंटी एलर्जिक दवाइयाँ और सिरप मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। साथ ही उसके पास कोई डिग्री भी नहीं मिली। आरोपी 11वीं पास है। क्लीनिक से दो पैकेट में दवाइयाँ जब्त की गईं, जिनकी कीमत करीब एक लाख रुपये है। 5 दवाओं के सैंपल भी लिए गए हैं। औषधि विभाग या स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

