आपको बता दें कि थाना जनकपुरी इलाके के माहीपुरा निवासी एक परिवार अपनी बेटीके साथ हुई मारपीट, अश्लील हरकतें और जान से मारने की धमकी की शिकायत लेकर थाने पहुँचा था। पीड़ित के बेटे ने बताया कि जब हम प्रार्थना पत्र देने आए थे, तो दूसरा पक्ष पहले से ही थाने में बैठा हुआ था। जब हमने प्रार्थना पत्र दिया तो थाने के दरोगा और चौकी इंचार्ज राकेश कैमिकल उन पर भड़क गए। उनका आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ उन्हें धमकाया बल्कि उनके साथ मारपीट भी की। इतना ही नहीं उनकी सुनवाई करने की बजाये पिता-पुत्र को लॉकअप में बंद कर दिया और उसकी माँ को भी लॉकअप में बंद करने की धमकी दी गई।
पीड़ित के बेटे ने बताया कि उसने पुलिस से बार-बार कहा कि उसके पिता को ब्लड प्रेशर और हार्ट की बिमारी से पीड़ित हैं लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी और बिना किसी कारण के उनको लॉकअप में क्यों बंद कर दिया। जिसके बाद लॉकअप में ही पिता को दिल का दौरा पड़ गया। इसके बाद हम उन्हें तुरंत बाइक पर जिला अस्पताल ले गए। आरोप है कि किसी भी पुलिसकर्मी ने उनकी मदद नहीं की। डॉक्टर ने जाँच के बाद पिता को हायर सेंटर रेफर कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस की बदसलूकी और मारपीट के बाद हवालात में हार्ट अटैक आया है। ऐसे में आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी 17 वर्षीय बेटी शुक्रवार सुबह करीब 8:40 बजे घर से किराने की दुकान पर सामान खरीदने गई थी। तभी गली में रहने वाले एक युवक ने उसे देख लिया और गंदी-गंदी बातें करने लगा। किशोरी ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं और मारपीट करने के साथ ही गाली-गलौज भी की।
पीड़िता पक्ष का कहना है कि आरोपी पहले भी किशोरी के साथ अश्लील हरकतें कर चुका है। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुँच गए। जिसके बाद नाबालिग का पिता भी वहाँ आ गया। जब उसने आरोपी का विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ भी गाली-गलौज की और मारपीट करने की कोशिश की। भीड़ ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने पुलिस से शिकायत की तो वह उसे और उसकी बेटी को झूठे मामले में फँसा देगा और जान से मार देगा। वहीं एसपी सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि मामले की जांच कराई जायेगी, जांच उपरान्त उचित कार्यवाई की जायेगी।

