सहारनपुर : सहारनपुर में इन दिनों अवैध पटाखे बनाने का कला कारोबार जोरो पर चल रहा है। कारोबारी न सिर्फ बिना लाइसेंस के पटाखे बना रहे है बल्कि घनी आबादी के बीच बड़े स्तर पर पटाखा फैक्ट्री चला रहे हैं। जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने अवैध पटाखा कारोबारियों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। गुरूवार को एंटीरोमियो टीम ने थाना गंगोह इलाके में छापेमारी कर अवैध पटाखा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध पटाखों की बड़ी खेप बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक भी मिला है। पुलिस की इस कार्यवाई से पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने अवैध फैक्ट्री चला रहे लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कर क़ानूनी कार्यवाई शुरू कर दी है।
आपको बता दें कि सहारनपुर जनपद एनसीआर से बाहर है यही वजह है कि यहां आतिशबाजी एवं पटाखों का अवैध कारोबार धडल्ले से चल रहा है। पटाखा कारोबारी ग्रामीण इलाकों में पटाखे तैयार करा रहे हैं। इतना ही नहीं किराए पर घरों को लेकर अवैध गोदाम बना रखे है। थाना गंगोह प्रभारी पियूष दीक्षित ने बताया कि गुरूवार को एंटी रोमियों टीम को सुचना मिली थी कि इलाके में अवैध पटाखे बनाये जा रहे हैं। जिसके बाद एंटीरोमियो टीम ने पटाखा फैक्टरी पर छपामारी की गई। पुलिस की इस कार्यवाई से पटाखा करोबारियन में हड़कंप मच गया।
इस दौरान अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी गई जहां बिना लाइसेंस और बिना अनुमति के ही पटाखे बनाये जा रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर बने अधबने पटाखों समेत भारी मात्रा में बारूद और ब्रांडेड कम्पनियो के रेपर बरामद किये है। साथ ही लाइसेंस धारकों को भी मानकों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि गंगोह एंटी रोमियो टीम ने छापेमारी के दौरान फैक्ट्रीका भंडाफोड़ किया है। जहां आस मोहम्मद पुत्र नसीम और मुरसलीन उर्फ आदिल पुत्र अम्मार अवैध रूप से प्रतिबंधित पटाखे बना रहे थे।
आरोपियों की बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर गंगोह थाने में 125/223/288/61 बीएनएस और विस्फोटक अधिनियम, 1984 की धारा 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है और उन्हें जल्द ही माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि वे अवैध रूप से पटाखे बनाते थे और उन्हें अपने अन्य सहयोगियों और वितरकों को सप्लाई करते थे, जो शादियों और त्योहारों के दौरान इन्हें बेचते थे। इस काम से हमें अच्छी कमाई होती है।
बरामद किये पटाखे और विस्फोटक:
• पाँच प्लास्टिक बैग जिनमें प्रत्येक में 100 पैकेट कॉटन बम थे – कुल 5,000 कॉटन बम।
• एक कार्टन जिसमें 75 पैकेट बड़े कॉटन बम थे – कुल 750 कॉटन बम।
• रैपर के 32 डिब्बे (आतिशबाजी पैकेजिंग/सामग्री)।
• टिमटिमाती लाइटों का 1 कार्टन – कुल वजन 12 किलो
• कार्डबोर्ड पटाखों की ट्यूबों वाले 4 प्लास्टिक के क्रेट
• 7 चरखी/अनार प्रकार के पटाखे
• 1 इलेक्ट्रॉनिक कटर (इलेक्ट्रॉनिक उपकरण)
• सफेद विस्फोटक पाउडर – कुल 7 किलो
• विस्फोटक रसायन (एल्यूमीनियम पाउडर) – कुल 27 किलो
• सुतली के रोल – कुल 50 किलो
• पटाखा बनाने की अन्य सामग्री – कुल 73 किलो
• अधूरे पटाखे – कुल 72 किलो
• पटाखों की ट्यूब – कुल 140 किलो
• जलते पटाखे – कुल 25 किलो
• टिमटिमाती लाइटें – कुल 6 किलो
• पाँच प्लास्टिक बैग जिनमें प्रत्येक में 100 पैकेट कॉटन बम थे – कुल 5,000 कॉटन बम।
• एक कार्टन जिसमें 75 पैकेट बड़े कॉटन बम थे – कुल 750 कॉटन बम।
• रैपर के 32 डिब्बे (आतिशबाजी पैकेजिंग/सामग्री)।
• टिमटिमाती लाइटों का 1 कार्टन – कुल वजन 12 किलो
• कार्डबोर्ड पटाखों की ट्यूबों वाले 4 प्लास्टिक के क्रेट
• 7 चरखी/अनार प्रकार के पटाखे
• 1 इलेक्ट्रॉनिक कटर (इलेक्ट्रॉनिक उपकरण)
• सफेद विस्फोटक पाउडर – कुल 7 किलो
• विस्फोटक रसायन (एल्यूमीनियम पाउडर) – कुल 27 किलो
• सुतली के रोल – कुल 50 किलो
• पटाखा बनाने की अन्य सामग्री – कुल 73 किलो
• अधूरे पटाखे – कुल 72 किलो
• पटाखों की ट्यूब – कुल 140 किलो
• जलते पटाखे – कुल 25 किलो
• टिमटिमाती लाइटें – कुल 6 किलो
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