सहारनपुर : मौसम विभाग की चेतावानी के बाद शुक्रवार की सुबह पश्चमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में बूंदाबांदी हो रही है। बेमौसम हुई सरसात से जहां तापमान में गिरावट आई है वहीं मौसम का मिजाज भी बदल गया है। बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। ख़ास बात ये है कि बंसत पंचमी के दिन हुई बारिश से पतंग उड़ाने के शौकीन लोगों के सपनों पर पानी फिर गया है। हालांकि इस बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। जिसके चलते किसानों के चेहरों पर मुस्कान देखी जा रही है।

आपको बता दें कि नया साल आते ही कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर दिख रहा था लेकिन पिछले कई दिनों से कोहरा छंटने के साथ अच्छी धूप भी निकल रही थी। तेज धूप से लोगों को सर्दी से राहत मिली ही थी कि आज की बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। अचानक हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है। इस बेमौसम बारिश ने न सिर्फ रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाला है बल्कि खेत खलियानों पर भी खासा असर पड़ा है।
पाले की मार झेल रही सरसों और आलू की फसलों को राहत मिली है। जहां युवा पीढ़ी बारिश के बाद सुहावने मौसम का मज़ा ले रही है, वहीं यह बारिश बुज़ुर्गों और बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। बारिश के बाद बढ़ी में जहां कंबल और अलाव की ज़रूरत पड़ी वहीं बारिश ने लोगों को छाते निकालने पर मजबूर कर दिया है। सुबह से ही रुक रुक कर बारिश हो रही है। बारिश के चलते लोग अपने बच्चों को लेकर घरों में दुबके हुए हैं।
दरअसल वर्षा ऋतू के बाद पश्चमी उत्तर प्रदेश में बरसात नहीं हुई थी। यहां के किसान लंबे समय से बारिश का इन्तजार कर रहे थे। बरसात ना होने की वजह से गेहूं, जौं, दलहन, सरसों, आलू समेत किसानों की कई फसलें प्रभावित हो रही थी। इतना ही नहीं बरसात ना होने से गन्ने की पैदावार भी कम हुई है। अचानक हुई बेमौसम बारिश से किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। खास बात ये है कि सरसों और फूलों की फसल में अल्ल नाम का कीट नुक्सान कर रहा था उससे राहत मिली है। साथ ही इस बारिश के बाद पर्यावरण भी धुल कर साफ़ हो गया है।
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