धनिया को “धन्यक” कहा गया है, इसे दीपनीय (पाचन शक्ति बढ़ाने वाला), पाचन, तृष्णानाशक और दाहशामक गुणों से युक्त माना गया है

धनिया जल : बदलते मौसम का आयुर्वेदिक अमृत, जो रखे शरीर को संतुलित और सुरक्षित फरवरी से मार्च के बीच का समय प्रकृति में परिवर्तन का संकेत देता है। सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक के बीच शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बदलाव से गुजरता है। इस संक्रमण काल में कफ दोष का संचय बढ़ सकता है, पाचन मंद पड़ सकता है और त्वचा, गले या पेट से जुड़ी समस्याएँ उभर सकती हैं। ऐसे समय में एक सरल, सुलभ और प्रभावी उपाय है — धनिया जल। क्यों जरूरी है बदलते…

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