क्या मोदी किसानों की छत्रछाया में कॉर्पोरेट हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं?

Is Modi fighting for corporate interests under the guise of farmers

नई दिल्ली : हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, “मैं किसानों के कल्याण के लिए व्यक्तिगत नुकसान उठाने को तैयार हूँ, मैं ट्रम्प के दबाव में समझौता नहीं करूँगा।” पहली नज़र में यह बयान किसानों का मसीहा होने का दावा करता है। समर्थक मीडिया और हिंदुत्ववादी समूह इसे “देशभक्ति” और “किसानों की जीत” के रूप में बेच रहे हैं। लेकिन क्या यह वाकई किसानों की लड़ाई है, या इसे किसी और के लिए किसानों की पैकेजिंग में लपेट दिया गया है? अगर प्रधानमंत्री मोदी को वाकई किसानों…

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