शाहजहांपुर : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर ज़िले के जलालाबाद कस्बे का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर परशुरामपुरी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने इस संबंध में राज्य सरकार को अपना अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को नए नाम की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है। नए नाम की वर्तनी देवनागरी (हिंदी), रोमन (अंग्रेजी) और क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार की गई है।
यह बदलाव केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की पहल पर किया गया है, जिन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया है। गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि अब जलालाबाद से परशुरामपुरी नाम राजपत्र में अधिसूचित किया जाए। इसकी प्रतियाँ संबंधित विभागों, जैसे भारतीय सर्वेक्षण विभाग, देहरादून और लखनऊ के भू-स्थानिक डेटा केंद्र, डाक विभाग, रेल मंत्रालय आदि को भेजी जाएँ। इस बदलाव का उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और मज़बूत करना बताया जा रहा है।
जितिन प्रसाद ने कहा, यह निर्णय क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान है। मैं इस पहल को मंज़ूरी देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करता हूँ। जितिन प्रसाद ने कहा कि परशुरामपुरी नाम न केवल ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा भी देगा। उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही इस बदलाव को लागू करने के लिए एक औपचारिक अधिसूचना जारी करेगी।
इसके बाद, सभी आधिकारिक दस्तावेज़ों और मानचित्रों में जलालाबाद के स्थान पर परशुरामपुरी नाम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस कदम को सांस्कृतिक पुनरुत्थान और क्षेत्रीय गौरव को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आपको बता दें कि परशुरामपुरी नाम भगवान परशुराम से प्रेरित है, जो हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण और पूजनीय व्यक्तित्व हैं। स्थानीय लोग मांग करते रहे हैं कि यह नाम उनकी धार्मिक भावनाओं और क्षेत्र की विरासत का सम्मान करता है।
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