श्री सालासर हनुमान धाम में तीन दिवसीय उत्सव जारी, कल 11 गरीब कन्याओं का होगा सामूहिक विवाह 

A three-day festival is currently underway at Shri Salasar Hanuman Dham, The mass marriage of 11 underprivileged girls will take place tomorrow.

सहारनपुर : श्री सालासर बालाजी हनुमान धाम में चल रहे तीन दिवसीय धार्मिक उत्सव के दूसरे दिन बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। हनुमत जन्मोत्सव के पावन अवसर पर दिल्ली रोड स्थित परवाना विहार में आयोजित इस कार्यक्रम में 108 वेदियों का विधि-विधान से पूजन किया गया, वहीं विद्वान ब्राह्मणों द्वारा श्रीमद्भगवद गीता के 108 पाठ संपन्न कराए गए। इस आयोजन का समापन 2 अप्रैल को 11 कन्याओं के सामूहिक विवाह के साथ किया जाएगा।

मंदिर परिसर में सजे विशाल पंडाल में वृंदावन से पधारे गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने मुखारविंद से श्रीमद्भगवद गीता की कथा का रसपान कराया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गीता एक ऐसा दिव्य ग्रंथ है जिसमें जीवन की हर समस्या का समाधान निहित है। मात्र 18 अध्याय और 700 श्लोकों में समाहित यह ग्रंथ समस्त वेद, पुराण और उपनिषदों का सार है।
स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के बावजूद मानसिक शांति से दूर होता जा रहा है। “आज मकान बड़े हो गए हैं, लेकिन परिवार छोटे हो गए हैं, फिर भी शांति नहीं है। पहले संसाधन कम थे, लेकिन प्रेम और संतोष अधिक था,” उन्होंने कहा। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि जीवन में सच्ची शांति चाहिए, तो गीता के मार्ग पर चलना आवश्यक है।
उन्होंने आधुनिक जीवनशैली पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि लोग मोबाइल में घंटों समय व्यतीत कर देते हैं, लेकिन उससे उन्हें कोई वास्तविक ज्ञान या शांति नहीं मिलती। यहां तक कि कुछ लोग सत्संग में बैठकर भी मोबाइल चलाते रहते हैं, जो अनुचित है। “सत्संग में बैठकर ध्यानपूर्वक सुनना ही उसका वास्तविक लाभ देता है,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में प्रभु परिवार की ओर से पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया। दूसरे दिन की कथा में अतुल जोशी जी महाराज, गोपाल दास जी, संत कमल किशोर सहित कई संत-महात्मा एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर जिला जज आराधना कुशवाहा, चंचल पुंडीर, भाजपा नेता पुष्पेंद्र चौधरी समेत अनेक गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तीन दिवसीय इस आयोजन का समापन 2 अप्रैल को 11 कन्याओं के सामूहिक विवाह के साथ किया जाएगा। मंदिर परिसर में लगातार उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ इस आयोजन की भव्यता को दर्शा रही है।
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