सुल्तानपुर : निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर मलबे में दब गए। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को केंद्रीय स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल पहुँचाया। एसडीआरएफ की टीम ने गैस कटर की मदद से मलबे में दबे तीन मजदूरों के शव निकाले। चार अन्य का इलाज चल रहा है। हादसा लंभुआ थाना क्षेत्र के धुरिया गाँव में हुआ।
दुर्घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी कुमार हर्ष, पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, एडीएम प्रशासन गौरव शुक्ला और एएसपी अखंड प्रताप सिंह मौके पर पहुँचे और घटना की जानकारी ली। प्रभारी निरीक्षक संदीप राय ने बताया कि जेसीबी की मदद से बचाव अभियान चलाया गया। मलबे से चार लोगों को निकालकर केंद्रीय स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। इनमें से तीन की मौत हो गई।
हादसे के बाद, अयोध्या से आई एसडीआरएफ की टीम ने रात साढ़े बारह बजे मलबे से मजदूर आनंद (23), पुत्र गिरिजा शंकर, निवासी अर्जुनपुर, लम्भुआ का शव निकाला। इसके तुरंत बाद, आनंद के भाइयों विक्रम (20) और हिमांशु (22) के शव भी मलबे से निकाले गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव लिंटेल के मलबे में दबे थे और उन्हें गैस कटर से काटकर बाहर निकाला गया।
थाना प्रभारी संदीप राय ने बताया कि धरियामऊ गाँव निवासी राम तीरथ के मकान की छत बनाते समय अचानक लिंटेल गिर गया, जिससे आधा दर्जन से ज़्यादा मजदूर दब गए। स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और सुभाष (36), पुत्र बैताली, निवासी धरियामऊ, अफसर अली (40), पुत्र समीउल्लाह, रवि सरोज (26), पुत्र महेंद्र सरोज, निवासी सकरा बाज़ार, प्रतापगढ़ और अरुण कुमार को बाहर निकालकर स्थानीय सीएचसी पहुँचाया। इसके बाद रवि सरोज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

