

आरोपियों ने पीड़ित आरिफ से पहले 10 लाख रुपये नगद मांगे लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। जिसके बाद आरोपियों ने उस पर एक बीघा ज़मीन अपने नाम करवाने का दबाव बनाया। लोकलाज और बदनामी के डर से पीड़ित ने आरोपियों के नाम ज़मीन का इकरारनामा कर दिया। एएसपी के मुताबिक़ पीड़ित ने पुलिस को बताया कि शहजाद और कदीर ने पहले स्वाति नाम की युवती को पीड़ित आरिफ खान के पास भेजा। स्वाति ने उसे अपने प्रेम जाल में ऐसा फंसा लिया कि दोनों एक दूसरे से मिलने लगे। 25 दिसंबर 2024 को आरिफ ने स्वाति को अपने खेत में बनी एक झोपड़ी में बुलाया। जहां स्वाति के बताने पर कादिर पहले ही पहुंच गया। जब स्वाति और आरिफ मिले तो कादिर ने चुपके से वीडियो और तस्वीरें बना लीं। इसके बाद गिरोह ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बलैकमेल करने लगे। आरोपियों ने आरिफ से 10 लाख रुपयेकी मांग कर दी।

एएसपी ने बताया कि पैसे न दे पाने पर आरिफ ने कहा कि वह मजबूरी में अपनी ज़मीन बेच दे देगा। फिर 17 जनवरी 2025 को चारों आरोपी चुपचाप आरिफ को लेकर कचहरी पहुँच गए और 1 बीघा ज़मीन का रजिस्टर्ड इकरारनामा करवा लिया। पीड़ित का आरोप है कि छुटमलपुर में पढ़ रहे उसके बच्चे को भी जान से मारने की धमकी दी गई। जिसके चलते उसे स्कूल भी नहीं भेजा गया। एग्रीमेंट में 10 लाख की एडवांस रकम दिखाई गई थी, जिसमें 2.5 लाख नकद और 7.5 लाख के दो चेक दिखाए गए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि उन्होंने 7.5 लाख का चेक निकाल लिया था और बाकी पैसे स्वाति को देने आए थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसी गांव के शहजाद पुत्र लखमीरा, अरशद पुत्र मुकीम, सावेद पुत्र मुकीम और स्वाति पुत्री राजकुमार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात कादिर से हुई थी। वह ड्राइवर है। उसने युवती को शॉर्टकट से पैसे कमाने की बात कही थी। जिसके बाद युवती मान गई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी युवती के मोबाइल में और भी सबूत मिले हैं। जिसमें लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर पैसे ऐंठने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

