लखनऊ : उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर सस्पेंस चरम पर है। मौजूदा मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह का कार्यकाल 31 जुलाई को समाप्त हो रहा है। योगी सरकार ने उनके एक साल के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा था, लेकिन केंद्र की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। सेवा विस्तार की संभावना कमज़ोर होती दिख रही है, जिसके चलते नए मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं।
बता दें कि 1988 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार सिंह योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद अधिकारी माने जाते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी जैसे आयोजनों के ज़रिए उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाई थी। राज्य सरकार ने कुछ समय पहले उनके सेवा विस्तार को लेकर पत्र भेजा था। जिस पर अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। हालाँकि, नए नामों को लेकर हलचल मची हुई है।
जानकारों के मुताबिक, अगर मुख्य सचिव मनोज सिंह को सेवा विस्तार नहीं मिलता है तो नए मुख्य सचिव के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अफसरों के नाम चर्चा में हैं। इनमें 1989 बैच के एसपी गोयल का नाम सबसे आगे माना जा रहा है, जो वर्तमान में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव हैं। इसके अलावा 1989 बैच के देवेश चतुर्वेदी और 1990 बैच के दीपक कुमार भी दौड़ में हैं। सूत्रों की मानें तो गोयल योगी के करीबी माने जाते हैं, जबकि चतुर्वेदी केंद्र में सचिव पद पर हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की नौकरशाही और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल गूंज रहा है कि क्या मनोज सिंह को एक साल का सेवा विस्तार मिलेगा या कोई नया चेहरा प्रशासन की कमान संभालेगा। केंद्र का फैसला उत्तर प्रदेश की नौकरशाही ही नहीं, विकास योजनाओं की दिशा भी तय करेगा।

