गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके ओएसडी के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर टिप्पणी करना गोरखपुर के पिपराइच से भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह के सगे भाई भोलेंद्र पाल सिंह को महंगा पड़ गया है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। भोलेंद्र को रविवार देर शाम कुशीनगर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में भोलेंद्र के खिलाफ दो दिनों में तीन थानों में 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसमें 4 मुकदमे गिरफ्तारी के बाद दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार को भोलेंद्र ने फेसबुक पर सीएम योगी और उनके ओएसडी के खिलाफ अभद्र पोस्ट की थी। उसने जमीन विवाद का भी जिक्र किया और एक विधायक का नाम भी लिया। हालांकि, रात में ही पोस्ट डिलीट कर दी गई, लेकिन उसका स्क्रीनशॉट वायरल हो गया। गोरखपुर की साइबर सेल टीम ने खुद इसका संज्ञान लिया। साइबर थाने के एक सिपाही की तहरीर पर साइबर थाने में यह मामला दर्ज किया गया। एक मुकदमा रामगढ़ थाने में और तीसरा पिपराइच थाने में दर्ज किया गया।
भाजपा विधायक से जुड़ा होने के कारण मामला जल्द ही तूल पकड़ने लगा। इधर, पुलिस ने भोलेंद्र की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास तेज कर दिए। कई जगहों पर छापेमारी की गई। भोलेंद्र सिंह को रविवार देर शाम कुशीनगर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी राज करन नय्यर ने बताया है कि भोलेंद्र को देर शाम रिमांड पर लेकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस ने रविवार को ही पिपराइच थाने में आरोपी के खिलाफ चार और मुकदमे दर्ज किए। इस तरह भोलेंद्र के खिलाफ तीन थानों में कुल 7 मुकदमे दर्ज हो गए हैं। वहीं, महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि वह अपने भाई के कृत्य से बेहद दुखी हैं। शासन प्रशासन जो भी कार्रवाई करे, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।

