सहारनपुर : उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली पीएचडी स्कॉलर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रोहिणी घावरी ने न सिर्फ चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप लगाए हैं बल्कि अब आत्महत्या की धमकी दी है। आज बुधवार को अपराह्न 2 बजे डॉ रोहिणी ने सोशल मिडिया के X अकाउंट पर अपने पूर्व प्रेमी के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को लेकर एक के बाद एक कई पोस्ट लिखे हैं। जिनमें उन्होंने नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद पर फिर से कई आरोप लगाए।
अपनी एक पोस्ट में डॉ रोहिणी ने X पर यह भी लिखा कि “आप सभी को मेरा अंतिम अलविदा, मैं आज तेरे नाम का ज़हर खा लूँगी।” रोहिणी ने पहले सोशल मीडिया और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया कि चंद्रशेखर ने उनके तीन साल के रिश्ते के दौरान उन्हें धोखा दिया और उनकी ज़िंदगी बर्बाद कर दी। इस बार रोहिणी ने भाजपा पर चंद्रशेखर को बचाने का आरोप लगाया है।
आपको बता दें कि डॉ. रोहिणी घावरी वाल्मीकि समुदाय से हैं और स्विट्जरलैंड में की एक यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही हैं। 2019 में मध्य प्रदेश सरकार से 1 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली रोहिणी ने संयुक्त राष्ट्र में “जय श्री राम” के नारे के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करके सुर्खियाँ बटोरीं थी। वह अपने संगठन जनशक्ति फाउंडेशन के माध्यम से दलित समुदाय के उत्थान के लिए काम करती हैं। रोहिणी ने के मुताबिक़ वह 2020 में चंद्रशेखर से मिलीं और उसके बाद उनका रिश्ता शुरू हुआ। कई बार वे एक साथ स्विटरजलैंड भी गए। कई बार होटल में एक साथ रुके और उसका शारीरिक शोषण किया। जिसके सारे सबूत उसके पास हैं।
उन्होंने महिला आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें डॉ रोहिणी ने कहा कि चंद्रशेखर 2021 से उनके साथ रिश्ते में थे। 2024 के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनका व्यवहार बदल गया। उन्होंने दावा किया कि चंद्रशेखर ने उन्हें कॉन्ट्रैक्ट मैरिज का वादा करके गुमराह किया और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया गया। रोहिणी ने यह भी कहा कि इस रिश्ते के कारण वह गहरे अवसाद में चली गईं और दो बार आत्महत्या की कोशिश भी की।
डॉ रोहिणी ने राष्ट्रीय महिला आयोग दिल्ली पुलिस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि यह लाखों महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई है। इस बीच चंद्रशेखर आज़ाद ने इन आरोपों पर चुप्पी साधे रखी है और कहा है कि वह केवल अदालत में ही जवाब देंगे। भीम आर्मी ने इन आरोपों को राजनीतिक साज़िश बताया था।
जिसके बाद रोहिणी ने एक बार फिर न्याय के लिए सोशल मिडिया का सहारा लिया और रोहिणी ने चंद्रशेखर के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए एक तस्वीर के साथ पोस्ट में लिखा कि “तुमने यह तस्वीर पहले क्यों नहीं पोस्ट की? मेरी ज़िंदगी बर्बाद करने के बाद तुम जश्न मना रहे हो। मैं आज तुम्हारे नाम का ज़हर खा लूँगी, तुमने मुझे बर्बाद कर दिया।” रोहिणी ने प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि “मेरी लाश भी भारत मत लाना। किसी ने मेरी नहीं सुनी। सब उस अपराधी का साथ दे रहे हैं। आप सभी को मेरा आखिरी अलविदा।”
रोहिणी ने एक अन्य पोस्ट में चंद्रशेखर के एक वीडियो के साथ लिखा कि “वह मुझे इस रिश्ते में ज़बरदस्ती डालता था, हर रात 3 बजे रोता था। जब मैं उसे समझा-बुझाकर थक जाती थी कि मुझे परेशान न करे, तो वह खुदकुशी की धमकी देता था। मैं कहती थी कि इस रिश्ते से मुझे बहुत बदनामी होगी, लेकिन वह उस समय पागल था। वह कहता था कि अगर मैं उसे छोड़ दूँगी, तो मैं मर जाऊंगा। अच्छा होता अगर मैं उस दिन मर जाता। मैंने उसके दुःख में उसको संभाला, और उसने मेरी ज़िंदगी का तमाशा बना दिया। समाज को मेरी सच्चाई सुननी चाहिए मैं गलत नहीं हूँ।” रोहिणी ने पहले आरोप लगाया था कि चंद्रशेखर ने उसकी भावनाओं से खेला और उसका शोषण किया। उसने उसे शादी का झांसा दिया और उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी दी। रोहिणी ने यह भी दावा किया कि चंद्रशेखर ने अपनी वैवाहिक स्थिति छिपाई और अपने राजनीतिक अभियानों में उनका इस्तेमाल किया।

