अगवानपुर गाँव में एक युवक की दो गोली मारकर हत्या कर दी गई। शव गाँव के बाहर जंगल में पड़ा मिला। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जाँच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह-सुबह शव के पास तीन युवक देखे गए थे।
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के अगवानपुर गाँव निवासी टेकचंद का बेटा राहुल (28) शनिवार रात 8 बजे अचानक लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद, उसके परिजनों ने रविवार तड़के 3 बजे चितमन पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सुबह करीब साढ़े पाँच बजे राहुल का गोलियों से छलनी शव खुटी अगवानपुर संपर्क मार्ग पर पड़ा मिला।
इसके बाद सैकड़ों ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर पहुँचे। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विजय कुमार राय ने शव को मोर्चरी भिजवाना शुरू किया। ग्रामीणों ने मुआवजे और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया। ग्रामीण एसपी अभिजीत कुमार के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
ग्रामीण एसपी ने बताया कि हत्यारों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और थाना पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। गाँव में लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच की जा रही है। परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि अगवानपुर-खुंटी मार्ग पर आरिफ के ट्यूबवेल से एक कारतूस, 50 मीटर दूर से दूसरा कारतूस और शव से थोड़ी दूरी पर तीसरा और चौथा कारतूस बरामद हुआ है। गन्ना बाँधने वाले मज़दूरों ने बताया कि सुबह-सुबह उन्होंने तीन युवकों को साइकिल चलाते देखा था। परिवार वालों ने बताया कि राहुल घर से एक और चप्पल पहनकर निकला था, और दूसरी चप्पल शव के पास मिली।
राहुल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वह मज़दूरी करता था। उसके परिवार में पत्नी अंजलि और पाँच साल का बेटा वंश, चार साल का लकी और तीन साल का लव है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

