करनाल : करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में आयोजित “एक पुलिस, एक संकल्प–ड्रग्स मुक्त हरियाणा” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर के थाना प्रभारियों (SHOs) के साथ सीधा संवाद किया और पुलिस विभाग की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नीट परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले सुपर-100 योजना के 70 विद्यार्थियों को बधाई दी और हरियाणा पुलिस विभाग की त्रैमासिक पत्रिका का भी विमोचन किया। प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई अहम फैसलों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि तफ्तीश हेड के तहत उपलब्ध राशि को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया जाएगा, जिससे जांच कार्यों को और बेहतर बनाया जा सके। साथ ही NDPS मामलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अलग पुरस्कार नीति लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने ड्यूल पर्पज़ ड्रग्स की एंड-टू-एंड मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित करने की भी घोषणा की, ताकि ऐसी दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। इसके अलावा प्रदेश के हर जिले में आधुनिक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे नशे के शिकार लोगों का बेहतर उपचार और पुनर्वास सुनिश्चित हो सके। पुलिस कर्मियों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। वहीं, ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए ड्यूटी प्रबंधन को आसान बनाने हेतु ड्यूटी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर विकसित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने गैंगस्टरों के महिमामंडन पर रोक लगाने के लिए एडवाइजरी जारी करने की भी घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि जो थाना प्रभारी अपने क्षेत्र को पूरी तरह नशामुक्त बनाने में सफल होंगे, उन्हें सरकार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य केवल नशे के कारोबार पर अंकुश लगाना ही नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध हरियाणा का निर्माण करना है।
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