नौकरी के बहाने कंबोडिया में फंसाए गए आगरा के युवक, साइबर क्राइम करने को किया गया मजबूर

आगरा: कंबोडिया में नौकरी का झांसा देकर दो युवकों के साथ न सिर्फ साइबर ठगी की गई, बल्कि उनसे लाखों रुपये भी ऐंठ लिए गए। भारत लौटने पर उन्होंने आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार से शिकायत की। साइबर थाने ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हाथरस के मई निवासी सौरभ ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। सौरभ ने पुलिस को बताया कि वह काफी समय से मलपुरा थाना क्षेत्र के नगला कारे गांव में अपनी नानी के घर रह रहा है। 2024 में उसके एक परिचित अभिज्ञान ने विदेश में नौकरी के लिए अजय शुक्ला से संपर्क किया। अजय ने उसे एक कंपनी में अच्छे पैकेज का ऑफर दिया, जिस पर वह राजी हो गया। उसने यह भी बताया कि कंबोडिया की एक कंपनी को कई लोगों की जरूरत है। वह और एक अन्य युवक कंबोडिया जाने के लिए तैयार हो गए। उनसे साढ़े तीन लाख रुपये लिए गए।

यहां से 16 जून 2024 को उन्हें बैंकॉक के रास्ते कंबोडिया भेज दिया गया। वहां पहुंचते ही वे साइबर क्राइम के जाल में फंस गए। वहां मौजूद लोगों ने डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी और लॉटरी के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया। जिस जगह उन्हें रखा गया था, वहाँ पहले से ही कई अन्य भारतीय युवक काम कर रहे थे।

उन्हें धोखाधड़ी के लिए मजबूर किया जा रहा था। जो भी इस काम से इनकार करता, उसे बंधक बना लिया जाता। आरोपी भारत लौटने के लिए प्रत्येक से 3 लाख रुपये वसूलते थे। अजय शुक्ला और उसके साथी अब तक आगरा और आसपास के जिलों से कई अन्य युवकों को कंबोडिया भेज चुके हैं।

सौरभ ने पुलिस को बताया कि कंबोडिया में साइबर गुलामी में फंसे युवाओं को व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल करने के लिए मजबूर किया जाता था। वे लोगों को झांसे में लेकर फर्जी खातों में पैसे जमा करवाते थे। फिर यह पैसा विभिन्न स्थानों से एजेंटों के माध्यम से निकाला जाता था। इसमें कई भारतीय युवक शामिल थे, जिनके दस्तावेज आरोपियों ने जब्त कर लिए हैं। साइबर थाने की प्रभारी निरीक्षक रीता सिंह ने बताया कि जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है।

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