सहारनपुर : स्मार्ट सिटी सहारनपुर के सपना टॉकीज़ के पास उस वक्त हड़कंप मच गया जब नगर निगम ने अवैध रूप से बनी मस्जिद और मदरसे पर बुलडोजर चला दिया है। बताया जा रहा है कि उक्त मदरसा सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था। जबकि मदरसा संचालक का कहना है कि यह ज़मीन वक्फ की संपत्ति है। उनके पास डिग्री भी है जिसके आधार पर वे कोर्ट में केस भी जीत चुके हैं। मदरसा संचालक आरोप है कि निगम प्रशासन ने हठधर्मिता करते हुए यह कार्रवाई की है। निगम ने मस्जिद का आधा हिस्सा और पूरा मदरसा गिरा दिया है।

आपको बता दें कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत ढमोला नदी पर पुल का निर्माण पिछले एक साल से चल रहा था। लेकिन मस्जिद और मदरसा बीच में आ रहे थे। जिसके चलते पुल का निर्माण रोक दिया गया। शनिवार की शाम नगर निगम की टीम दो जेसीबी लेकर मौके पर पहुँची और सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनी मस्जिद और मदरसे को तोड़ना शुरू कर दिया। बुलडोजर चलते देख वहां अफरा-तफरी मच गई। मस्जिद और मदरसा चलाने वालों ने इसका विरोध किया। लेकिन कई थानों की पुलिस की मौजूदगी में कोई कुछ नहीं कर सका। दो बुलडोजर चलाकर आधी मस्जिद और मदरसा को जमींदोज कर दिया गया।
मस्जिद और मदरसा के संचालक मुस्तकीम राव ने आरोप लगाया कि यह जमीन वक्फ की सम्पत्ति है। जिसके संबंध में डीएम, एसडीएम सदर, नगर निगम और पुल निर्माण एजेंसी को नोटिस दिया गया था। लेकिन कोई कानूनी जवाब नहीं दिया गया। फिर निगम की टीम अपना बुलडोजर लेकर पहुंची। आधी मस्जिद और मदरसा को जबरन गिरा दिया गया। उनका कहना है कि यह मदरसा सरकार से मान्यता प्राप्त है। मुस्तकीम राव का कहना है कि उनकी यह जमीन वक्फ की है। उन्होंने सिंचाई विभाग के खिलाफ कोर्ट से मुकदमा भी जीता है। अचानक निगम की टीम आ गई। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन किसी ने फोन तक नहीं उठाया। आरोप है कि नगर आयुक्त को भी फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन बंद रखा।

नगर आयुक्त शीपू गिरी ने का कहना है कि ढमोला नदी पर बन रहे नए पुल का मकसद पुराने शहर से देहरादून रोड पर यातायात को सुगम बनाना है। यह पुल राकेश सिनेमा के सामने से जोगियान पुल होते हुए देहरादून रोड को जोड़ेगा ताकि घंटाघर क्षेत्र के जाम से राहत मिल सके। पुल का निर्माण काफी हद तक पूरा हो गया था, लेकिन नदी किनारे कच्चे-पक्के निर्माण और झोपड़ियों ने काम रोक दिया था। निगम का दावा है कि ये सभी अवैध थे और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रहे थे।
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अतिक्रमण चिह्नित किया था। इसके बाद नायब तहसीलदार सदर की अध्यक्षता में राजस्व टीम ने मौके का निरीक्षण किया। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया कि जिस जगह पुल का निर्माण होना है, वह पूरी तरह से सरकारी जमीन है और वहां किसी भी तरह का निजी स्वामित्व नहीं पाया गया।
निगम के अतिक्रमण प्रभारी सुधीर शर्मा के मुताबिक़ कार्रवाई से एक दिन पहले अनाउंसमेंट करवाया गया था कि अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा निगम कार्रवाई करेगा। कुछ लोगों ने स्वेच्छा से अपना सामान हटा लिया, जबकि कुछ ने निगम टीम के आने के बाद अपने मकान खाली कर दिए। निगम ने जेसीबी की मदद से करीब एक दर्जन कच्चे-पक्के कमरों और टीन शेड को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान जीएम स्मार्ट सिटी दिनेश सिंघल, परियोजना प्रबंधक जितेंद्र सिंह, संपत्ति सुरक्षा अधिकारी हरि प्रकाश कसाना, प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल एचबी गुरुंग सहित पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

