मंगलवार को मेरठ के ब्रह्मपुरी में बदनाम ब्लू ड्रम मर्डर केस में जांच अधिकारी रहे ब्रह्मपुरी थाना इंचार्ज रमाकांत पचौरी ने कोर्ट में गवाही दी। उन्होंने बताया कि सौरभ की हत्या करने के बाद उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने बॉडी को ट्रॉली बैग में रखकर ठिकाने लगाने का प्लान बनाया था। उन्होंने बॉडी के चार टुकड़े कर दिए थे, लेकिन बैग फिट नहीं हुआ। ट्रॉली बैग की कुंडी भी टूटी हुई थी। इसके बाद उन्होंने बॉडी को नीले रंग के ड्रम में रखकर उसमें सीमेंट भर दिया।
डिस्ट्रिक्ट जज अनुपम कुमार की कोर्ट में इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर रमाकांत पचौरी की गवाही चार घंटे तक चली। उन्होंने सौरभ मर्डर केस में चार्जशीट में शामिल हर सबूत के बारे में गवाही दी। उन्होंने कोर्ट को मर्डर की शुरुआत से लेकर मुस्कान और साहिल शुक्ला की गिरफ्तारी तक की पूरी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बॉडी को ड्रम में रखने के बाद दोनों मनाली, शिमला और हिमाचल प्रदेश के कसोल घूमने गए थे। लौटने पर उन्होंने बॉडी को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया था। लेकिन, सौरभ के परिवार से जानकारी मिलने पर पुलिस ने FIR दर्ज कर मर्डर का पर्दाफाश कर दिया। कोर्ट ने डिफेंस वकील के क्रॉस-एग्जामिनेशन के लिए 15 दिसंबर की तारीख तय की है। सौरभ मर्डर केस का ट्रायल डिस्ट्रिक्ट जज अनुपम कुमार की कोर्ट में चल रहा है। ट्रायल में सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। अब तक 14 गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी है।

