हरियाणा : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज एक कार्यक्रम में बताया कि हरियाणा प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध कुल पंचायती जमीन में से 10 प्रतिशत जमीन या कम से कम 1 एकड़ जमीन प्राकृतिक खेती के लिए आरक्षित की जाएगी। यह जमीन नीलामी के माध्यम से केवल भूमिहीन किसानों को ही दी जाएगी। जो भी किसान सरकारी जमीन या पंचायती जमीन पर प्राकृतिक खेती करेगा, उसे भी प्राकृतिक खेती योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को कच्चे माल के भंडारण और प्रसंस्करण के लिए 4 ड्रम खरीदने पर 3000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा देसी गाय की खरीद पर 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में पहले ही घोषणा की जा चुकी है। इसके अलावा प्राकृतिक खेती के उत्पादों को बाजार में बेचने, उनकी मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए हर किसान को 20 हजार रुपये मिलेंगे। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं।
उन्होंने कहा है कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं शुरू की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत भूमिहीन किसानों को जमीन से लेकर खेती और आगे के काम के लिए उपहार राशि दी जाएगी। हरियाणा के सीएम ने एक कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के बारे में बताया कि इसके लिए इस बार बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक और जैविक खेती से उत्पादित अनाज के लिए गुरुग्राम में विशेष मंडी बनाई जाएगी। इसके साथ ही प्राकृतिक और जैविक फल और सब्जियों के लिए हिसार में भी जैविक मंडी बनाई जाएगी। इसके अलावा कैथल के पूंडरी खंड में कृषि विभाग की 53 एकड़ जमीन प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को नीलाम की जाएगी। इन मंडियों में जांच के लिए लैब भी बनाई जाएंगी।

