सहारनपुर : स्मार्ट सिटी सहारनपुर में इन दिनों भ्रष्टाचार चरम पर है। जिसके चलते जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यलय में फाइलों का ढेर लगा हुआ है। सुविधा शुल्क के बिना जन्म प्रमाण पत्र तो दूर मृत्यु प्रमाण पत्र भी नहीं बनाया जा रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद महापौर डॉ.अजय सिंह शुक्रवार को नगर निगम के जन्म और मृत्यु प्रमाण दफ्तर पहुँच गए। जहां उन्होंने निरिक्षण किया और प्रमाण पत्र बनवाने आये शहरवासियों से बात की।
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र दफ्तर का माहौल उस वक्त गरमा गया जब महापौर ने वहां रजिस्टर और रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया। एंट्री गलत, अधूरी और नियमों के खिलाफ किये जाने पर महापौर का पारा चढ़ गया और वहां मौजूद अधिकारियों को फटकार लगानी शुरू कर दी। इस दौरान जब महापौर अजय सिंह ने जब क्लर्क से जवाब मांगा तो क्लर्क ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और उल्टा यह बोल दिया कि “मैं इसे देख लूंगा।” जिससे महापौर का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने क्लर्क की गर्दन पकड़ी और उसे ऑफिस से बाहर निकाल दिया, और कहा, “मैं तुम्हें जेल भेज दूंगा।”
आपको बता दें कि सहारनपुर नगर निगम के बर्थ एंड डेथ सर्टिफिकेट डिपार्टमेंट को लगातार करप्शन की शिकायतें मिल रही थीं। मेयर डॉ. अजय सिंह शुक्रवार को निरिक्षण के लिए जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग के दफ्तर पहुंचे थे। उन्होंने वहां रजिस्टर और रिकॉर्ड का ढेर देखा। उन्होंने क्लर्क सुरेंद्र सिंह को बुलाया। खामिया मिलने पर गुस्साए महापौर अजय सिंह ने न सिर्फ जमकर फत्रकार लगाई बल्कि क्लर्क सुरेंद्र की गर्दन पकड़ी और उसे घसीटते हुए बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं सुरक्षा कर्मियों को क्लर्क को साथ लेकर आये। महापौर का गुस्सा देख नगर निगम में अफरा तफरी का माहौल बन गया।
महापौर डॉ. अजय सिंह ने बताया कि “हमें काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि क्लर्क जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में गंभीर लापरवाही कर रहा है। आज जांच के दौरान रजिस्टर भी गलत पाए गए। कोई भी गलत काम करने पर बख्शा नहीं जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।” इस घटना से नगर निगम कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। कुछ कर्मचारी मेयर की कार्रवाई को गलत बता रहे हैं, तो कुछ इसे बहुत ज्यादा पावर का प्रदर्शन बताकर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन वहीं क्लर्क सुरेंद्र सिंह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

