जौनपुर : ज़फराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर कैंट गौरियाना गांव से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। करीब एक हफ़्ते पहले, एक बेटे ने कथित तौर पर अपने बूढ़े माता-पिता की सिलबट्टे से पीट-पीटकर हत्या कर दी और उनके शवों को गोमती नदी में फेंक दिया। यह घटना तब सामने आई जब दंपति की बेटी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस जांच में इसका खुलासा हुआ और सभी हैरान रह गए। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और अब नदी में दंपति के शवों की तलाश कर रही है।
एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि 13 दिसंबर को वंदना नाम की एक महिला ने अपने पिता श्याम बहादुर (65) और मां बबीता देवी (63) की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वंदना के अनुसार, उसके माता-पिता 8 दिसंबर से लापता थे, और उसका भाई अंबेश, जो उनकी तलाश में गया था, वह भी नहीं मिल रहा था। घटना की जांच के लिए तीन टीमें बनाई गईं। शुरुआती जांच में अंबेश की भूमिका संदिग्ध लगी, और कड़ी पूछताछ के दौरान उसने सब कुछ कबूल कर लिया।
पुलिस पूछताछ में अंबेश ने बताया कि वह लंबे समय से कोलकाता में रह रहा था। उसने वहां लव मैरिज की थी, और उसकी पत्नी और दो बच्चे वहीं रहते हैं। वह तीन महीने पहले घर आया था। इस दौरान उसका अपने माता-पिता से संपत्ति और पैसे को लेकर झगड़ा हुआ था। इससे उसके माता-पिता नाराज़ थे। उसे शक था कि उसके माता-पिता अपनी बहनों को संपत्ति में हिस्सा देना चाहते हैं। इसी वजह से उसने अपने माता-पिता को खत्म करने का फैसला किया और 8 दिसंबर को झगड़े के दौरान उसने सिलबट्टे से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी, शवों को बोरियों में भरकर कार में डाला और गोमती नदी में फेंक दिया।
थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला ने बताया कि श्याम बहादुर रेलवे में लोको पायलट थे और रिटायरमेंट के बाद अपनी पत्नी और बेटियों के साथ घर पर रहते थे। श्याम बहादुर की तीन बेटियां और एक बेटा अंबेश कुमार है। अंबेश लव मैरिज के बाद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कोलकाता में रहता है। अंबेश को शक था कि उसके माता-पिता ज़मीन और संपत्ति में अपनी बहनों को हिस्सा देंगे। इसी वजह से अंबेश ने अपने माता-पिता की हत्या कर दी और उनके शवों को बेलाव घाट पुल से गोमती नदी में फेंक दिया। शवों को निकालने के लिए गोमती नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

