इस वजह से बारात को बिना दुल्हन के बीच से ही लौटना पड़ा। सहारनपुर के बड़गांव इलाके के एक गांव के युवक ने कथित तौर पर बरेली की एक युवती से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की। कुछ ही दिनों में दोस्ती प्यार में बदल गई और शादी तक पहुंच गई। फोन पर ही शादी की तारीख 2 दिसंबर तय हुई। लड़की वालों ने दहेज में कार देने की पेशकश की और सहारनपुर से खरीदने का प्रस्ताव रखा। लड़के को सहारनपुर के एक शोरूम में ब्रेज़ा कार भी पसंद आ गई।
लड़के के घरवालों ने शादी की तैयारियां ज़ोर-शोर से कीं। लेकिन, न तो लड़की वाले आए और न ही लड़के वाले। फ़ोन पर रिश्ता तय हो गया। न्योता मिलते ही घर पर रिश्तेदार जमा हो गए। 2 दिसंबर को लड़के ने पगड़ी पहनी और दूल्हा बन गया और बैंड-बाजे के साथ बारात निकल गई। दूल्हा बरेली जाने के लिए बारात लेकर देवबंद रेलवे स्टेशन पहुंचा। दूल्हे ने अपनी होने वाली दुल्हन को फ़ोन करने की कोशिश की तो उससे बात नहीं हो पाई। बार-बार फ़ोन करने के बाद भी उसका फ़ोन बंद था। घंटों कोशिश करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो लड़के को बारात के साथ निराश होकर लौटना पड़ा।

