फर्जी दस्तावेजों के साथ 2008 में पकड़ा गया था पाक ISI जासूस, 14 साल की सजा पूरी होने पर 17 साल बाद होगी घर वापसी

A Pakistani ISI spy was caught in 2008 with fake documents and will return home after 17 years

सहारनपुर : भारत में 17 साल की सज़ा काटने के बाद पाक जासूस को पाकिस्तान भेजा जा रहा है। पाकिस्तानी जासूस शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ ​​देवराज सहगल को रिहा होने के 11 महीने बाद बॉर्डर पार भेजने का प्रोसेस शुरू हो गया है। सोमवार को उसे मेडिकल टेस्ट के लिए जिला हॉस्पिटल लाया गया। ज़रूरी हेल्थ चेकअप पूरे करने के बाद उसे एक स्पेशल पुलिस टीम की देखरेख में बॉर्डर पर भेजा गया। सुरक्षा कारणों से रूट और समय की जानकारी सीक्रेट रखी गई है। केंद्र सरकार के निर्देश पर डिपोर्टेशन की फॉर्मैलिटी पूरी की जा रही हैं। बॉर्डर पर ज़रूरी पेपरवर्क पूरा होने के बाद उसे पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।

Pakistani spy sent to Pakistan after sentence
File Phot

आपको बता दें कि इकबाल भट्टी को पंजाब पुलिस ने 8 अगस्त 2008 को पटियाला में सेंसिटिव मिलिट्री मैप के साथ गिरफ्तार किया था। ATS और जांच एजेंसियों की पूछताछ में सामने आया था कि वह करीब एक साल से सहारनपुर के सदर बाजार थाना इलाके के हकीकत नगर में देवराज सहगल नाम से रह रहा था। धीरे-धीरे उसने स्थानीय लोगों के बीच अपनी पहचान बना कर रहने लगा था। इतना ही नहीं हकीकत नगर के पत्ते पर इकबाल भट्टी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोटर ID, PAN कार्ड, राशन कार्ड भी बनवा लिया था। साथ ही बैंक में अकाउंट भी खुलवा लिया था। 6 नवंबर 2008 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3 फॉरेनर्स एक्ट की धारा 14 पासपोर्ट एक्ट की धारा 3 (D) और 12, और इंडियन पीनल कोड की धारा 419, 511, और 123 के तहत केस दर्ज किए गए थे।

इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल की गिरफ्तारी वर्ष 2008 में पंजाब के पटियाला से हुई थी। उस समय वह फर्जी पहचान के सहारे भारत में रह रहा था। जांच में सामने आया था कि वह खुद को देवराज सहगल बताकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के हकीकत नगर इलाके में रह रहा था और सामान्य नागरिक की तरह जीवन व्यतीत कर रहा था। और पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था  इसी दौरान उसने अपनी पहचान छिपाकर स्थानीय स्तर पर संपर्क भी बना लिए थे। इकबाल भट्टी के खिलाफ जासूसी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों में अदालत ने उसे 12 वर्ष की सजा सुनाई थी। बाद में अन्य मामलों की कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक निरुद्ध अवधि को जोड़ते हुए वह कुल मिलाकर करीब 17 साल तक जेल में रहा।

आरोप सही पाए जाने के बाद कोर्ट ने शाहिद इकबाल भट्टी को 14 साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद इकबाल भट्टी को गौतम बुद्ध नगर जिला जेल में रखा गया था। 14 साल जेल में सजा कटने के बाद 11 महीने पहले उसको जेल से रिहा कर दिया गया था। गौतमबुद्ध नगर जेल एडमिनिस्ट्रेशन ने उसे डिपोर्ट करने के आदेश के साथ डिटेंशन सेंटर के लिए सहारनपुर पुलिस को रिपोर्ट भेजी। जिसके चलते सहारनपुर पुलिस, LIU और जेल एडमिनिस्ट्रेशन के बीच लगातार बातचीत हुई। मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स और मिनिस्ट्री ऑफ़ एक्सटर्नल अफेयर्स से गाइडेंस मांगी गई।

मिनिस्ट्री ऑफ़ एक्सटर्नल अफेयर्स ने पंजाब में दर्ज केसों पर रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही डिपोर्टेशन प्रोसेस शुरू किया गया। SSP की तरफ से मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स को लेटर भेजा गया। मिनिस्ट्री और पाकिस्तानी एम्बेसी के बीच कोऑर्डिनेशन के बाद अब उसे डिपोर्ट करने का प्रोसेस शुरू हो गया है। ASP मनोज यादव ने बताया कि सोमवार को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में उसकी मेडिकल जांच के दौरान खास सिक्योरिटी के इंतज़ाम किए गए थे। हॉस्पिटल कैंपस में पुलिस तैनात रही। मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद उसे कड़ी सिक्योरिटी में अटारी बॉर्डर तक भेजा गया है जहां कल करीब 11 बजे पाक जासूस को पाकिस्तानी सेना के सपुर्द कर दिया जायेगा। पूरी प्रोसेस सेंट्रल गवर्नमेंट की गाइडलाइंस के तहत की जा रही है और सभी लीगल फॉर्मैलिटीज़ पूरी होने बाद ही उसको पकिस्तान भेजा गया है।

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