वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को सेमीकंडक्टर चिप्स और स्टील पर नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने यह बयान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का में एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए रवाना होते समय दिया।
ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ अगले एक-दो हफ़्तों में लागू हो जाएगा। स्टील पर 50% शुल्क पहले ही लगाया जा चुका है, लेकिन सेमीकंडक्टरों पर, उन्होंने संकेत दिया कि टैरिफ 100% से बढ़कर 200% या 300% भी हो सकता है। यह टैरिफ केवल उन्हीं कंपनियों पर लागू होगा जो अमेरिका में निर्माण नहीं करती हैं। इससे साफ़ है कि ट्रंप घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए टैरिफ को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
अमेरिकी वाणिज्य विभाग अप्रैल से राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर चिप्स और दवाओं के आयात की जाँच कर रहा है। ट्रंप का तर्क है कि विदेशी चिप्स पर निर्भरता कम करना और अमेरिका में विनिर्माण को बढ़ावा देना राष्ट्रीय हित में है। उनका कहना है कि धीरे-धीरे कंपनियों को समायोजित होने का मौका दिया जाएगा।
सेमीकंडक्टर चिप्स स्मार्टफोन, कार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का एक अहम हिस्सा हैं। टैरिफ में बढ़ोतरी का सीधा असर उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा। इससे मोबाइल, कार और टीवी जैसे उत्पाद महंगे हो सकते हैं। हालाँकि, ट्रंप ने एप्पल जैसी कंपनियों को राहत देने के संकेत दिए हैं, बशर्ते वे अमेरिका में उत्पादन बढ़ाएँ। एप्पल पहले ही अमेरिका में 600 अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा कर चुकी है।
ट्रंप ने संकेत दिया कि पुतिन के साथ बैठक में टैरिफ का मुद्दा भी शामिल हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस के साथ बातचीत सकारात्मक नहीं रही, तो रूसी ऊर्जा खरीदारों पर 50% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। इसका वैश्विक ऊर्जा व्यापार पर गहरा असर पड़ सकता है।
ट्रंप प्रशासन पहले ही भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर चुका है, जो 27 अगस्त से लागू होगा। पहले लगाए गए 25% टैरिफ के साथ, भारत पर कुल 50% आयात शुल्क लगाया जाएगा। यह कदम रूस के साथ भारत के बढ़ते व्यापारिक संबंधों के जवाब में माना जा रहा है।

