दारुल उलूम जूनियर अरबी क्लास में बाहरी छात्रों को एडमिशन नहीं देगा

Darul Uloom has been taking a strict stand towards women from time to time

देवबंद : इस्लामिक शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र दारुल उलूम ने नए साल की शुरुआत में एक बड़ा फैसला लिया है। यह संस्थान अब लेवल एक से लेवल तीन तक की अरबी क्लास में बाहरी छात्रों को एडमिशन नहीं देगा, हालांकि यह पाबंदी स्थानीय छात्रों पर लागू नहीं होगी। दारुल उलूम मैनेजमेंट ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए यह अहम फैसला लिया है। संस्थान की एकेडमिक काउंसिल ने एक मीटिंग के बाद यह फैसला किया कि जूनियर अरबी क्लास में बाहरी छात्रों को एडमिशन नहीं दिया…

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फतवो की नगरी दारुल उलूम देवबंद में अफगान विदेश मंत्री का हुआ स्वागत, प्रदान की गई ‘हदीस-ए-सनद’, छात्रों की भीड़ हुई बेकाबू, संबोधन कार्यक्रम रद्द 

Afghan Foreign Minister welcomed at Darul Uloom Deoband

सहारनपुर : अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री मौलाना अमीर ख़ान मुत्तक़ी शनिवार को फतवों की नगरी दारुल उलूम देवबंद पहुंचे। जहां उलेमाओं ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। मुत्तक़ी ने विश्व विख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम का भ्रमण किया और वहां पढ़ाई जाने वाली तालीम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने दारुल उलूम के प्रमुख मौलाना मुफ़्ती अबुल कासिम नोमानी की अंतिम हदीस पढ़ी और मानद उपाधि प्राप्त की। संस्था के अतिथि गृह में आयोजित इस बैठक में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और मुफ़्ती अबुल कासिम…

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दारुल उलूम समय-समय पर महिलाओं के प्रति सख्त रुख अपनाता रहा है, कई मुद्दों पर फतवे जारी करता रहा है

Darul Uloom has been taking a strict stand towards women from time to time

देवबंद : महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के अलावा, दारुल उलूम कई अहम मुद्दों पर चर्चा में रहा है। फतवों और इस्लामी शिक्षा के लिए दुनिया भर में मशहूर दारुल उलूम समय-समय पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देता रहा है। इनमें पुरुषों द्वारा महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगाना, शादी समारोहों में पर्दा करना आदि शामिल हैं। दारुल उलूम पहले भी महिलाओं को संस्थान में प्रवेश की अनुमति देने के लिए चर्चा में रहा है। इसके अलावा, दारुल उलूम महिलाओं से जुड़े अपने फतवों के लिए दुनिया…

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आगरा पुलिस ने एक और बड़े धर्मांतरण गिरोह का किया भंडाफोड़, मास्टरमाइंड आयशा और मोहम्मद अली जानिए किसकी क्या थी जिम्मेदारी

आगरा : यूपी पुलिस ने एक और बड़े धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह में शामिल और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, धर्मांतरण गिरोह का मास्टरमाइंड आयशा और मोहम्मद अली है। दोनों ने धर्मांतरण के लिए एक संगठित गिरोह बनाया है, जिसमें बड़े लोग शामिल हैं। आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि आगरा पुलिस ने छह राज्यों में छापेमारी के लिए 50 पुलिसकर्मियों की 10 टीमें बनाई थीं। पुलिस टीम ने गोवा से आयशा नाम की एक…

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जातिगत जनगणना के समर्थन में जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द, महमूद मदनी बोले- जातिगत गणना सामाजिक और राजनीतिक जरूरत बन गई है

Jamiat Ulema e Hind in support of caste census

देवबंद : जातिगत गणना को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। जहां सभी राजनितिक दल जातीय जनगणना की मांग कर रहे हैं वहीं इस्लामिक संगठन भी इसके समर्थन में उतर आये हैं। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने देश में होने वाली जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया है।जमीयत अध्यक्ष महमूद मदनी ने उम्मीद जताई है कि इस प्रक्रिया से निष्पक्ष शासन, सही नीति निर्माण और संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा। आपको बता दें कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के मौलाना महमूद मदनी ने एक बयान में…

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शरीयत में कुर्बानी का कोई विकल्प नहीं, दिखावे और गुंडागर्दी से बचें, कारी इसहाक गोरा बोले- ‘कुर्बानी का मजाक उड़ाने वाले पहले अपना फ्रिज देखें’

There is no alternative to Qurbani in Sharia

देवबंद : ईद-उल-अजहा के मौके पर मशहूर देवबंदी उलेमा और जमीयत दावतुल मुसलमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा ने अहम अपील जारी कर मुसलमानों को कुर्बानी के असली मकसद और इसकी तहजीब की याद दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने उन लोगों को भी करारा जवाब दिया है जो सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए कुर्बानी के खिलाफ दुष्प्रचार में लगे हुए हैं। मौलाना कारी इसहाक गोरा ने साफ कहा कि जो लोग कहते हैं कि जानवर की कुर्बानी के बजाय कुछ और किया जाना चाहिए, यानी केक काटा जाना…

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