बच्चों में कुपोषण को दूर करने और पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए योगी सरकार चलाएगी अभियान 5.0, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग सक्रीय

लखनऊ : राज्य सरकार बच्चों में कुपोषण को दूर करने और पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए संभव अभियान 5.0 चला रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 5 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर कुपोषण की पहचान करना, उन्हें चिकित्सा उपचार प्रदान करना और बौनेपन की दर को कम करना है। यह पहल बच्चों और महिलाओं के शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि 7 जुलाई को योगी सरकार ने संभव अभियान 5.0 की शुरुआत की थी। इस अभियान के तहत, प्रदेश के सभी 75 जिलों में सबसे अधिक बौनेपन वाले 100-100 आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है। जहाँ बौनेपन की पहचान, निगरानी और पोषण ट्रैकिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन केंद्रों की गहन निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में ब्लॉक और जिला स्तर के 100 अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

14 जुलाई, 2025 को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय की ओर से ज़ूम वेबिनार के माध्यम से सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। इसके बाद 15 जुलाई को पूरे प्रदेश में पहली बार बौनेपन की पहचान और पोषण ट्रैकिंग के लिए विशेष मापन एवं निगरानी अभियान चलाया गया। इस दौरान नोडल अधिकारी, जिलाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी व अन्य अधिकारियों ने आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वृद्धि निगरानी प्रक्रिया की जाँच की। यह प्रक्रिया बच्चों के पोषण स्तर का सटीक आकलन करने और समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से शुरू किए गए इस अभियान का लक्ष्य कुपोषण के कारण शारीरिक और मानसिक विकास में आने वाली बाधा को दूर करना है। नोडल अधिकारियों द्वारा एकत्रित रिपोर्ट के आधार पर हर महीने जिला पोषण समिति की बैठक में बौनेपन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इन बैठकों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सकारात्मक परिणाम वाले आंगनवाड़ी केंद्रों को मॉडल के रूप में चिन्हित किया जाएगा, ताकि अन्य केंद्र उनसे प्रेरणा ले सकें। योगी सरकार का यह प्रयास बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में मील का पत्थर है। संभव अभियान 5.0 न केवल कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत कर रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक स्वस्थ और मजबूत भविष्य की ओर ले जाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप सलेमपुर कोन और रंगीला स्थित आंगनबाड़ियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बच्चों की लंबाई, वजन और ऊंचाई मापने की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया गया। उन्होंने स्वयं बच्चों का नाप लेकर पूरी प्रक्रिया की गुणवत्ता परखी और उपस्थित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता कमजोर और नाटे बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें उचित पोषण उपलब्ध कराना है। इस दौरान डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल का मातृत्व व्यवहार देखने को मिला। उन्होंने बच्चों को प्यार से दुलारते हुए उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उपस्थित माताओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कुपोषण पर विजय केवल सरकारी योजनाओं से ही नहीं, बल्कि जनभागीदारी से भी संभव है।

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