कानपुर : साइबर ठग लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ाने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं। अब ई-सिम देकर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाई जा रही है। ऐसा ही एक मामला कानपुर से सामने आया है। साइबर ठगों ने गुरुद्वारे के पूर्व प्रधान को सरकारी योजनाओं से जुड़ी एपीके फाइल का लिंक भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लिया। फिर ई-सिम निकालकर उनके खाते से 1.28 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। उन्हें इसकी जानकारी तब हुई जब उनका सिम बंद हो गया। जब उन्होंने अपना बैंक खाता चेक किया तो बड़ी रकम निकल चुकी थी। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नजीराबाद थाना क्षेत्र में रहने वाले गुरुद्वारा बन्नो भाई साहब के पूर्व प्रधान मोकम सिंह ने बताया कि 23 अगस्त को किसी ने उनके व्हाट्सएप पर पीएम किसान योजना, आरटीओ चालान और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी एपीके फाइल का लिंक भेजा। जैसे ही उन्होंने उस फाइल को अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया। कुछ घंटे बाद उन्हें ई-सिम मिलने का मैसेज आया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद रविवार सुबह अचानक उनका सिम बंद हो गया। छुट्टी होने के कारण वह कंपनी से सिम बंद होने की शिकायत नहीं कर सके।
उन्होंने बताया कि इसी बीच शातिर ठगों ने नेट बैंकिंग के जरिए उनके मोबाइल से 1.28 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर लिए। सोमवार सुबह नेटवर्क कंपनी के कार्यालय में संपर्क करने पर पता चला कि शातिर ठगों ने ई-सिम आवंटित करवाकर ठगी की है। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर इस मामले की शिकायत दर्ज कराई।
इस पूरे मामले में एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई है। कहा कि अगर उनके फोन पर किसी अनजान नंबर से कोई एपीके फाइल का लिंक आए तो उसे डाउनलोड न करें। न ही अपना ओटीपी किसी के साथ साझा करें। इसके साथ ही, अपना मोबाइल फ़ोन किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें, ताकि आपके मोबाइल के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। अगर आपके मोबाइल पर सिम अलॉटमेंट का कोई मैसेज आता है, तो बिना देर किए सिम कंपनी को इसकी जानकारी दें और उनसे संपर्क करें।

