आगरा : शाहगंज केदार नगर स्थित एक घर में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्म परिवर्तन कराने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के सरगना समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का सरगना राजकुमार लालवानी है, जिसने पहले खुद धर्म परिवर्तन किया और बाद में बीमारी से राहत, नौकरी का लालच और आर्थिक मदद का लालच देकर लोगों का धर्म परिवर्तन कराना शुरू कर दिया।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का सरगना राजकुमार लालवानी उर्फ पादरी है। उसने चार साल पहले महाराष्ट्र में धर्म परिवर्तन कराया और पादरी बन गया। आरोपी ने कई परिवारों में प्रार्थना सभाएं शुरू कीं। आरोपी अब तक कई परिवारों का धर्म परिवर्तन करा चुका है। एक रजिस्टर से इसके सबूत मिले हैं।
डीसीपी ने बताया कि शिकायतकर्ता घनश्याम लालवानी की शिकायत पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। धर्मांतरण गिरोह के सरगना राजकुमार लालवानी उर्फ पादरी, पंचशील कॉलोनी दोरैटा निवासी अनूप कुमार, राहुल ग्रीन दयालबाग निवासी कमल कुंडलानी, राधे हाइट्स शास्त्रीपुरम सिकंदरा निवासी सरकारी शिक्षक जयकुमार मोटवानी, बारह खंभा शाहगंज निवासी अरुण और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार के मुताबिक, राजकुमार लालवानी का एक यूट्यूब चैनल है, जिस पर आगरा के साथ-साथ दूसरे राज्यों के लोगों के कई वीडियो हैं। जिसमें वह प्रार्थना सभाओं के फायदों के बारे में जानकारी दे रहा है। आरोपियों की फंडिंग के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि धर्मांतरण गिरोह का सरगना राजकुमार लालवानी पहले इलेक्ट्रीशियन था। जब उसने धर्म परिवर्तन किया तो उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई।
बता दें, शाहगंज थाना क्षेत्र के एक घर में हर रविवार को धार्मिक सभा का आयोजन होता था। लोगों ने भाजपा नेता सुनील करमचंदानी और घनश्याम हेमलानी को इस बारे में बताया था। भाजपा नेताओं ने इसकी जानकारी उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को दी। इसके बाद मामला पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार तक पहुंचा। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर शाहगंज पुलिस ने गोपनीय जांच के बाद धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश किया।

